22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की थी। इस अभियान के दौरान देश की रक्षा करते हुए भारतीय सेना और वायुसेना के छह वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। अब इन सभी शहीदों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर हमेशा के लिए अंकित किए जाएंगे। स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन वीर सैनिकों के नाम सार्वजनिक कर दिए गए हैं।
इन छह शहीदों में भारतीय सेना के पांच जवान और भारतीय वायुसेना के एक सार्जेंट शामिल हैं। शहीद सैनिकों के नाम हैं—सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरली नाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार। इनमें राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र तथा सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायु पदक से सम्मानित किया गया है।
राइफलमैन सुनील कुमार ऑपरेशन के दौरान लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर तैनात थे। उनकी अदम्य वीरता और साहस के लिए 8 जून को आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान किया। वीर चक्र देश का तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। वहीं, सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को उनके उत्कृष्ट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए मरणोपरांत वायु पदक से सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का ‘त्याग चक्र’ देश के उन वीर सैनिकों को समर्पित है, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। ग्रेनाइट की 16 वृत्ताकार दीवारों पर शहीदों के नाम, पद और उनकी यूनिट अंकित की जाती है। अब ऑपरेशन सिंदूर के इन छह अमर वीरों के नाम भी इस गौरवशाली स्मारक का स्थायी हिस्सा बनेंगे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
