उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में सोमवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा फैसला शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने को लेकर हुआ। कैबिनेट ने जलालाबाद तहसील का नया नाम ‘भगवान परशुराम पुरी’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार के इस निर्णय के बाद नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
यह कैबिनेट बैठक लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास 5, कालीदास मार्ग पर हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री समेत कई कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे और विभिन्न विभागों से जुड़े अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
इस दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ का विरोध किया था और 1953 में कश्मीर में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर उनके संकल्प को साकार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस पश्चिम बंगाल को डॉ. मुखर्जी ने भारत का हिस्सा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहां आज भाजपा सरकार उनके स्मारकों और विरासत के संरक्षण का कार्य कर रही है।
वहीं, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति-2026 को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई, जिससे राज्य में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
