मुरादाबाद। जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र में जमीन के एक बड़े सौदे को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद रिजवान, उनके पुत्र हाजी जुबैर, पुत्रवधु शमा परवीन तथा सपा नेता आजम खान के करीबी बताए जाने वाले यूसुफ मलिक के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव मलकपुर फतेहपुर निवासी अब्दुल मुस्तफा की तहरीर के आधार पर की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने स्कूल की भूमि का सौदा करने के नाम पर उससे बड़ी धनराशि प्राप्त की, लेकिन तय शर्तों के अनुरूप न तो भूमि की रजिस्ट्री कराई और न ही भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की प्रक्रिया पूरी की। इसके विपरीत संबंधित भूमि किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने स्कूल की जमीन का सौदा लगभग 4.80 करोड़ रुपये में तय किया था। आरोप है कि बयाने के रूप में 25 लाख रुपये ऑनलाइन दिए गए, जबकि शेष रकम नकद के रूप में अदा की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस लेनदेन से संबंधित इकरारनामा, स्वीकृति रसीद और नोटरी दस्तावेज भी तैयार किए गए थे, जिन पर शमा परवीन के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि भूमि का लैंड यूज परिवर्तन कराने के नाम पर उससे 10 लाख रुपये अतिरिक्त लिए गए। बदले में उत्तर प्रदेश के एक सरकारी विभाग के नाम से जारी बताकर एक रसीद दी गई, जो बाद में जांच में कथित रूप से फर्जी निकली। शिकायतकर्ता का दावा है कि रसीद में करीब 6.11 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए थे, जबकि शेष धनराशि के बारे में पूछने पर उसे बताया गया कि वह विभिन्न स्तरों पर खर्च हो गई।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि अलग-अलग समय पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और नकद भुगतान के माध्यम से पूर्व विधायक समेत अन्य आरोपियों को कुल 1 करोड़ 27 लाख 86 हजार रुपये दिए गए। इसके बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही लैंड यूज परिवर्तन कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उसने अपने रुपये वापस मांगने या सौदा पूरा करने का दबाव बनाया तो उसे कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए।
एफआईआर में एक अन्य भूमि सौदे का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2023 में डिलारी थाना क्षेत्र के गांव बढ़ेरा स्थित करीब साढ़े तीन बीघा जमीन का सौदा यूसुफ मलिक से 52.50 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि इस सौदे में 33.36 लाख रुपये लेने के बाद भी अब तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।
उधर, पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद रिजवान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनकी पुत्रवधु शमा परवीन के नाम मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) से स्कूल के लिए भूखंड आवंटित हुआ था, जिसका लगभग दो वर्ष पहले शिकायतकर्ता पक्ष के साथ समझौता हुआ था। उनके अनुसार, तय समय सीमा के भीतर खरीदारों को रजिस्ट्री करानी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। रिजवान का दावा है कि इस संबंध में खरीदारों को दो कानूनी नोटिस भी भेजे जा चुके हैं और राजनीतिक कारणों से उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है@जफर/INN
