मुरादाबाद। पूर्व कांग्रेस नेता एवं सनातन धर्म से जुड़े वक्ता आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने शनिवार को मुरादाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी के आरोपों पर निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा है। इसलिए पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों का विश्वास कायम रहे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल राम मंदिर के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि और भगवान राम पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार उन्हीं लोगों को है, जिन्होंने हमेशा राम मंदिर आंदोलन का समर्थन किया हो।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि समाजवाद के मूल सिद्धांतों से वर्तमान राजनीति का कोई संबंध नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष धार्मिक आधार पर समाज को विभाजित कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राम मंदिर के मुद्दे को उछालकर हिंदू समाज को बांटने की रणनीति पर काम कर रहा है, लेकिन अब जनता ऐसी राजनीति को समझ चुकी है और इससे प्रभावित नहीं होगी।
आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने देशभर में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरे देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं और शेष आवश्यक सुधारों को भी पूरा किया जाना चाहिए@शांतनु/INN
