प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच संचालित होगी। इसकी खासियत यह है कि यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलती है, जिससे संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहता है। यात्रियों के लिए इसका किराया केवल 5 रुपये से 26 रुपये तक रखा गया है, जिससे यह पर्यावरण के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी किफायती साबित होगी।
प्रधानमंत्री के इस दौरे में हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब को 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। हरियाणा में करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अंबाला–काला अंब राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है, जिससे हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच संपर्क व्यवस्था और मजबूत होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने जींद में आयोजित जनसभा को भी संबोधित किया।
इसके बाद प्रधानमंत्री चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यहां भी प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए विकास कार्यों को गति देने की बात कही।
अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री पंजाब के जालंधर पहुंचे, जहां उन्होंने 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं से क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
वहीं, कुरुक्षेत्र को भी बड़ी सौगात मिली। प्रधानमंत्री ने जींद से ही ऑनलाइन माध्यम के जरिए 447 करोड़ रुपये की लागत से तैयार रेलवे एलिवेटेड ट्रैक राष्ट्र को समर्पित किया। इस परियोजना से शहर के पांच प्रमुख रेलवे फाटकों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में बनने वाले सिख संग्रहालय की आधारशिला भी रखी गई। यह संग्रहालय सिख इतिहास, परंपरा और कुरुक्षेत्र से जुड़े दसों सिख गुरुओं की स्मृतियों को समर्पित होगा। उद्घाटन समारोह को लेकर थानेसर सिटी रेलवे स्टेशन और प्रमुख पुलों को विशेष रूप से सजाया गया।
