नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग और आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पुलिस ने इस बार पारंपरिक बैरिकेडिंग के बजाय नई रणनीति अपनाई है। बैरिकेड्स को लोहे की मोटी प्लेटों के जरिए सड़क पर मजबूती से जड़ दिया गया है। इन प्लेटों को बड़े एंगल, कीलों और पेंचों की मदद से सड़क में फिक्स किया गया है, जिससे बैरिकेड्स को हटाना या गिराना बेहद मुश्किल हो गया है।
इतना ही नहीं, सभी बैरिकेड्स को लोहे की चेन और मजबूत रस्सियों से एक-दूसरे से बांधा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि यदि किसी एक बैरिकेड को हटाने की कोशिश भी की जाए, तो पूरी संरचना अपनी जगह पर मजबूती से बनी रहे।
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी खुद संयुक्त पुलिस आयुक्त (जॉइंट सीपी) विजय सिंह कर रहे हैं। उन्होंने संसद मार्ग का दौरा कर हालात का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बैरिकेडिंग के नए तरीके को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय ले रहा है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल और संसद मार्ग के बीच पुलिस ने कई परतों में सुरक्षा घेरा बनाया है। पूरे इलाके में छह से सात स्तर तक बैरिकेड लगाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है। प्रदर्शन स्थल के आसपास लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, लेकिन पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है।
सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य साफ है कि यदि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ते हैं और बैरिकेड हटाने या आगे बढ़ने की कोशिश होती है, तो पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके लिए सड़क पर लगाए गए लोहे के स्ट्रक्चर और फिक्सिंग सिस्टम को पूरी मजबूती के साथ तैयार किया गया है। कुछ स्थानों पर कीलें ठोकते समय मुड़ गईं, लेकिन उन्हें दोबारा मजबूती से सड़क में जड़ दिया गया ताकि बैरिकेड किसी भी स्थिति में अपनी जगह से न हिल सकें।
