मुरादाबाद। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के निर्देश पर जनपद में सार्वजनिक मार्गों, फुटपाथों और सरकारी जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
इस अतिक्रमण मुक्त अभियान के तहत माह जुलाई में प्रत्येक तहसील स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की गई। अभियान के अंतर्गत जनपद की चारों तहसीलों में कुल 117 गाटों की जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन के स्तर से जिलाधिकारी को इस संबंध में तहसीलवार विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है। जुलाई माह के आंकड़ों के अनुसार कुल 13.2384 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। इस अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि का कुल मूल्यांकन ₹12,13,72,380 किया गया है।
तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार तहसील मुरादाबाद द्वारा 3 गाटों में से 0.212 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। मुक्त भूमि का मूल्यांकन ₹38,64,800 है।
तहसील बिलारी द्वारा 45 गाटों में से 3.6619 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। मुक्त भूमि का मूल्यांकन ₹7,95,29,830 है।
तहसील कांठ द्वारा 6 गाटों में से 1.226 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। मुक्त भूमि का मूल्यांकन ₹81,06,500 है। इस प्रकार तहसील ठाकुरद्वारा द्वारा की गई कार्यवाही में 63 गाटों में से 7.9305 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। मुक्त भूमि का मूल्यांकन ₹2,98,71,250 है। जुलाई माह में चारों तहसीलों में कुल 117 गाटों की 13.2384 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया, जिसकी कुल मूल्यांकन राशि ₹12,13,72,380 है।
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार सार्वजनिक संपत्तियों एवं लोक महत्व की संरक्षित जमीनों को अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर से अभियान लगातार जारी रहेगा।
सरकारी, लोक महत्व के लिए संरक्षित अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा/अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध कब्जा/अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक एवं ग्राम सभा की संपत्तियों को सुरक्षित रखा जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि भूमि संबंधी मामलों में नियमित निगरानी, अभिलेखों के सत्यापन तथा अतिक्रमण की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए@शांतनु/INN
