अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में गजरौला क्षेत्र के किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रोत्साहित करने और कृषि लागत कम करने की दिशा में जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन (जेबीएफ) का मृदा परीक्षण केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। नगर के मोहल्ला गंगानगर स्थित ग्रामीण समृद्धि केंद्र पर संचालित इस लैब में किसान अपने खेत की मिट्टी की जांच कराकर उसमें मौजूद पोषक तत्वों और कमियों की सटीक जानकारी हासिल कर रहे हैं, जिससे उन्हें वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी का उपचार कर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल रही है।
जेबीएफ के कार्यक्रम अधिकारी विशाल गौरव ने बताया कि ग्रामीण समृद्धि केंद्र पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ-साथ मृदा परीक्षण केंद्र भी स्थापित किया गया है। आसपास के गांवों के किसान अपने खेतों से मिट्टी के नमूने लाकर जांच करा रहे हैं और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार कर रहे हैं।

लैब टेक्नीशियन अभिषेक कुमार ने नमूनों की प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए बताया कि किसान को खेत के चारों कोनों और बीच के हिस्से से मिट्टी लेकर लगभग 100 ग्राम मिश्रित नमूना तैयार करना होता है। प्रयोगशाला में वैज्ञानिक विधि से जांच कर मिट्टी की वास्तविक स्थिति और उसमें आवश्यक पोषक तत्वों की रिपोर्ट दी जाती है।
मृदा परीक्षण के जरिए किसान जमीन की जरूरत के अनुसार ही खाद और अन्य कृषि इनपुट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनका अनावश्यक खर्च बच रहा है।
वहीं जुबिलेंट के निदेशक जनसंपर्क सुनील दीक्षित ने कहा कि संस्था शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और चिकित्सा के साथ कृषि क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, और ग्रामीण किसानों को आधुनिक व वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना उनके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। यह केंद्र किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और वैज्ञानिक खेती अपनाने में बेहद मुफीद साबित हो रहा है@INN
