फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस के दौरान हुई घटना और पायलट के साइकोएक्टिव पदार्थ के टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद एयरलाइन ने बड़ा कदम उठाया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अब अपने सभी पायलटों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग कराने जा रही हैं। दोनों एयरलाइनों में 5,000 से ज्यादा पायलट हैं और सभी की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।
पायलटों को भेजे गए आंतरिक ईमेल के मुताबिक, कंपनी ऐसे पदार्थों और दवाओं की जांच करेगी, जिनके इस्तेमाल की मौजूदा विमानन नियमों के तहत अनुमति नहीं है। यह टेस्ट गुरुवार से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
जांच उड़ान के बाद अलग-अलग स्थानों पर की जाएगी। इनमें गुरुग्राम स्थित ट्रेनिंग अकादमी, फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर, एयरलाइन के कार्यालय और संबंधित एयरपोर्ट पर उपलब्ध स्थान शामिल हैं। एयरलाइन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना तथा यात्रियों और अन्य हितधारकों का भरोसा बनाए रखना है।
दरअसल, 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 टर्बुलेंस की चपेट में आ गई थी। एयरबस A320 विमान ने अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई गंवाई थी। घटना में कम से कम 24 लोग घायल हुए थे। विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य समेत कुल 145 लोग सवार थे।
घटना के बाद पायलट-इन-कमांड की पुष्टि स्क्रीनिंग कराई गई, जिसमें एक साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए टेस्ट पॉजिटिव आया। सूत्रों के मुताबिक, पायलट के सैंपल में मारिजुआना की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। इसी घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने पूरे पायलट स्टाफ की स्क्रीनिंग कराने का फैसला लिया है।
