मुरादाबाद। रामगंगा विहार स्थित अरण्या सिग्नेचर सोसायटी में बिजली बिल, मेंटेनेंस चार्ज, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई दिनों से चला आ रहा विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में सोसायटी की महिलाएं और अन्य निवासी एकजुट हुए और व्यवस्थापक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सोसायटी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और वित्तीय लेनदेन का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
गार्ड हटाने का आरोप, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
मंगलवार को प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 1:30 बजे व्यवस्थापक नीरज अग्रवाल ने सोसायटी के गार्ड को अपने कार्यालय में बुला लिया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो गई। महिलाओं का कहना था कि गेट खुला छोड़ दिए जाने से सोसायटी में रहने वाले परिवारों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया।

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि सोसायटी में तैनात सिक्योरिटी गार्डों का इस्तेमाल उनके निर्धारित सुरक्षा कार्यों के बजाय व्यवस्थापक के निजी घर के कामों के लिए किया जाता है। महिलाओं का सवाल था कि यदि सुरक्षा कर्मियों को ही दूसरे कार्यों में लगाया जाएगा तो सोसायटी में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
एक ही सोसायटी में बिजली की अलग-अलग दरें वसूलने का आरोप
बिजली बिल को लेकर भी निवासियों में खासा आक्रोश है। महिलाओं का आरोप है कि अलग-अलग घरों से बिजली की अलग-अलग दरों पर बिल वसूला जाता है। उनका दावा है कि जनरेटर से विद्युत आपूर्ति के दौरान किसी निवासी से 20 रुपये प्रति यूनिट, किसी से 22 रुपये और किसी से 25 रुपये प्रति यूनिट तक लिए जाते हैं।

निवासियों ने बिजली की दरों, मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब सभी लोग एक ही सोसायटी में रह रहे हैं तो बिजली की दरों में अंतर क्यों है, इसका स्पष्ट जवाब प्रबंधन को देना चाहिए।
मेंटेनेंस का पैसा कहां जा रहा, हिसाब देने की मांग
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मेंटेनेंस फंड को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि सोसायटी के मेंटेनेंस से संबंधित रकम व्यवस्थापक नीरज अग्रवाल के पास जाती है, लेकिन आज तक निवासियों को इसका पूरा हिसाब नहीं दिया गया।
महिलाओं ने सवाल किया कि मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने लाखों रुपये की वसूली के बाद यह पैसा किस मद में और किसे दिया जाता है? उनका कहना था कि प्रत्येक खर्च का पारदर्शी लेखा-जोखा सोसायटी के सभी निवासियों के सामने रखा जाना चाहिए।
मीटिंग में बड़े-बड़े वादे, जमीन पर नहीं दिखता असर
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि नीरज अग्रवाल सोसायटी की बैठकों में बड़े-बड़े दावे और वादे करते हैं, लेकिन उनके मुताबिक बाद में उन वादों पर अमल नहीं होता। महिलाओं का कहना था कि समस्याओं को लेकर कई बार बैठकें और बातचीत हो चुकी हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
निवासियों का आरोप है कि व्यवस्थापक आसानी से नीचे आकर लोगों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं होते। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
‘स्वयंभू अध्यक्ष और व्यवस्थापक बने हुए हैं’
कुछ प्रदर्शनकारियों ने नीरज अग्रवाल पर ‘स्वयंभू अध्यक्ष और व्यवस्थापक’ बने होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सोसायटी की व्यवस्थाओं और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। किसी एक व्यक्ति के पास पूरी व्यवस्था का नियंत्रण होने के बजाय निवासियों की भागीदारी और स्पष्ट जवाबदेही होनी चाहिए।
निवासियों ने मांग की कि मेंटेनेंस, बिजली बिल, जनरेटर खर्च, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मदों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए।
‘सोसायटी में भ्रष्टाचार का बोलबाला’ होने का आरोप
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि अरण्या सिग्नेचर सोसायटी में ‘भ्रष्टाचार का बोलबाला’ है। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शन कर रहे निवासियों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिलाओं का कहना था कि यदि प्रबंधन के स्तर पर किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं है तो मेंटेनेंस और अन्य मदों में होने वाले खर्च का पूरा हिसाब-किताब निवासियों के सामने सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मेंटेनेंस चार्ज बढ़ा, सुविधाओं का इंतजार खत्म नहीं हुआ
निवासियों के मुताबिक करीब चार महीने पहले मेंटेनेंस चार्ज 1.25 रुपये से बढ़ाकर दो रुपये प्रति वर्गफुट कर दिया गया। आरोप है कि चार्ज बढ़ने के बावजूद सोसायटी में सुविधाओं का स्तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं सुधरा।
पार्क, कम्युनिटी हॉल, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। निवासियों के मुताबिक सोसायटी में करीब 32 पार्किंग की कमी है और पार्किंग को लेकर आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।
कई दिनों से विरोध, मंगलवार को भी नहीं थमा आक्रोश
निवासियों का कहना है कि उनका विरोध अचानक शुरू नहीं हुआ है। कई दिनों से लगातार सोसायटी में प्रदर्शन हो रहा है और मंगलवार को भी महिलाओं ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक बिजली बिल, मेंटेनेंस, सुरक्षा, पार्किंग और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।
अब मामला केवल बिजली बिल और मेंटेनेंस चार्ज तक सीमित नहीं रह गया है। सुरक्षा व्यवस्था, गार्डों के कथित इस्तेमाल, बिजली की अलग-अलग दरों और मेंटेनेंस फंड के हिसाब को लेकर उठे सवालों ने सोसायटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सोसायटी के वित्तीय एवं प्रशासनिक रिकॉर्ड की पारदर्शी तरीके से जांच हो।
नीरज अग्रवाल का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा@शांतनु/INN
