लखनऊ। गुरुग्राम में बिजनौर पुलिस की कार्रवाई के दौरान 24 वर्षीय डिकेंद्र पाल की गोली लगने से हुई मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आयोग से मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ घटना में FIR दर्ज कराने की मांग की है।

अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बिजनौर पुलिस की टीम ने गुरुग्राम में कार्रवाई के दौरान निर्धारित वरिष्ठ-स्तरीय सूचना प्रक्रिया और स्थानीय पुलिस के साथ आवश्यक समन्वय का पालन नहीं किया। मामले में एक उपनिरीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन की जानकारी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ निलंबन और विभागीय जांच से पुलिस कार्रवाई में हुई एक युवक की मौत की निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं हो सकती। घटना की स्वतंत्र आपराधिक जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और गोली चलने की वास्तविक वजह क्या थी।
अमिताभ ठाकुर ने NHRC से मांग की है कि मामले में FIR दर्ज कराकर स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित कराया जाए, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के नष्ट होने या प्रभावित होने की आशंका न रहे।उन्होंने मृतक के पोस्टमार्टम और बैलिस्टिक साक्ष्यों की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि सभी साक्ष्यों का निष्पक्ष वैज्ञानिक परीक्षण ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सामने ला सकता है।
इस संबंध में भेजे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पुलिस महानिदेशकों को भी भेजी गई है।
मामले में अब NHRC की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं@शांतनु/INN
