मुरादाबाद। शहर की प्रमुख और पॉश कॉलोनियों में शुमार रामगंगा विहार में विद्युत व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कहीं घंटों बिजली गुल रहने की शिकायत है तो कहीं लो वोल्टेज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली कटौती से स्कूली बच्चों की पढ़ाई से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विद्युत व्यवस्था की कथित बदहाली को लेकर जर्नलिस्ट एसोसिएशन पश्चिमांचल ने मंडलायुक्त संगीता सिंह को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने मामले में मुख्य अभियंता से रिपोर्ट तलब की है।
25-30 साल पुराना बिजलीघर, सुविधाएं जस की तस
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नरेश भारद्वाज और जिला महासचिव दीपक कपूर का कहना है कि रामगंगा विहार स्थित बिजलीघर करीब 25 से 30 वर्ष पुराना है और अब उसकी व्यवस्थाएं मौजूदा आबादी एवं बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप नहीं रह गई हैं। आरोप है कि गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही व्यवस्था चरमरा जाती है।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कभी पेड़ों की छंटाई, कभी जंफर या केबल फुंकने और कभी ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड होने की बात कहकर घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शाम होते ही जेई के चले जाने का आरोप
एसोसिएशन ने बिजलीघर की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि बिजलीघर पर अधिकांश समय संविदा स्टाफ के भरोसे व्यवस्था चलती है। अवर अभियंता के शाम के समय चले जाने के बाद शिकायतों के समाधान को लेकर प्रभावी निगरानी नहीं रह जाती।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इससे फील्ड स्टाफ की जवाबदेही प्रभावित होती है और उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
लाइन ठीक कराने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि बिजली संबंधी शिकायत करने के बाद लाइनमैन मौके पर पहुंचने में आनाकानी करते हैं। आरोप यह भी है कि यदि कर्मचारी घर की विद्युत लाइन ठीक करने पहुंचते हैं तो कुछ मामलों में उपभोक्ताओं से अवैध रूप से धनराशि की मांग की जाती है।
एसोसिएशन ने इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फोन नहीं उठाने का भी आरोप
बिजलीघर पर तैनात एसएसओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि कई बार फोन करने के बावजूद एसएसओ फोन नहीं उठाते। फोन उठने की स्थिति में भी स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कर समाधान कराने के बजाय उपभोक्ताओं को 1912 पर शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर टाल दिया जाता है।
एसोसिएशन ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि बिजलीघर स्तर पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिले।
इन इलाकों में लो वोल्टेज ने बढ़ाई परेशानी
शिकायत में पुरानी पुलिस चौकी वाली गली, अवंतिका फीडर और स्टेडियम फेस सहित आसपास के क्षेत्रों में लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती की समस्या का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उमस और गर्मी के इस मौसम में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। लोगों का सवाल है कि जब गर्मियों में विद्युत लोड बढ़ना पहले से तय रहता है तो विभाग की ओर से समय रहते पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की जाती?
हर बार ‘ओवरलोड’ का जवाब, स्थायी समाधान कब?
एसोसिएशन ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गर्मी शुरू होने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ने की जानकारी विभाग को पहले से होती है। इसके बावजूद पर्याप्त क्षमता बढ़ाने, जर्जर उपकरण बदलने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता के अनुरूप व्यवस्था करने की दिशा में समय रहते ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जाते।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती होने पर उपभोक्ताओं को बार-बार ‘लोड बढ़ गया है’ का जवाब दिया जाता है, लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
मंडलायुक्त से उच्चीकरण और कार्रवाई की मांग
जर्नलिस्ट एसोसिएशन पश्चिमांचल ने मंडलायुक्त से मांग की है कि रामगंगा विहार के पुराने बिजलीघर का तकनीकी सर्वे कराकर उसका उच्चीकरण एवं क्षमता विस्तार कराया जाए। साथ ही बिजली कटौती, लो वोल्टेज और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही की जांच कराई जाए।
एसोसिएशन ने आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
मामले में मंडलायुक्त द्वारा मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब विद्युत विभाग की जांच और कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। पॉश कॉलोनी के हजारों उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि शिकायत केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर बिजली व्यवस्था में वास्तविक सुधार का कारण बनेगी@शांतनु/INN
