अमरोहा(महिपाल सिंह)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सरजमीं पर किसान असंतोष एक बार फिर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में गहरी तपिश पैदा कर रहा है। खेत-खलिहानों से उपजे आर्थिक सवाल अब सीधे सड़कों और कमिश्नरी के अहातों तक पहुंच चुके हैं, जिससे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
बिजली की महंगी दरें, खाद की किल्लत, गन्ने का अटका भुगतान और फसलों के वाजिब दाम जैसे बुनियादी मुद्दों के बीच किसान नेताओं पर दर्ज मुकदमों, हिरासत और जिला बदर जैसी कार्यवाहियों ने आग में घी का काम किया है। अमरोहा के किसान नेता डॉ. दिग्विजय भाटी पर हुई जिला बदर की कार्रवाई और मेरठ पुलिस कार्यालय में उठा मारपीट का विवाद शासन के रवैये पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है, जिसे किसान संगठन आंदोलन दबाने की सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं।
मेरठ कमिश्नरी पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के तेवरों और महापंचायत में डमरू बजाकर दिए गए संदेश ने साफ कर दिया है कि किसान निर्णायक संघर्ष के मूड में हैं। भाकियू संयुक्त मोर्चा का चिंतन शिविर, भाकियू लोकशक्ति के डॉ. सुमित नागर की हुंकार और टिकैत के आंदोलनात्मक रुख के साथ-साथ राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन द्वारा गन्ने के 14 दिनों के भीतर विलंब भुगतान की लड़ाई को कोर्ट के माध्यम से आगे बढ़ाना यह दर्शाता है कि रणनीति भले भिन्न हो, लेकिन मुद्दा साझा है। वर्षों से गुटबाजी में बंटे किसान संगठनों के लिए साझा दर्द के बल पर एकजुट होना 2027 के संदर्भ में बड़ी चुनौती और ताकत दोनों साबित हो सकता है।
महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने 1987 के ऐतिहासिक महेंद्र सिंह टिकैत आंदोलन की याद दिलाते हुए वर्तमान हालातों की तुलना उसी दौर से की। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका डील पर तंज कसते हुए पशुओं के खान-पान से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए, तो वहीं समाज में बढ़ते नशे और अपराध पर भी संगठन की भूमिका को रेखांकित किया। राजनीतिक मोर्चे पर राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का बचाव करते हुए टिकैत ने कहा कि अकेला व्यक्ति क्या करेगा, उन्हें कृषि मंत्री बनाया जाना चाहिए ताकि सवाल पूछे जा सकें। साथ ही मेरठ के सेंट्रल मार्केट को ढहाने, चर्चित थप्पड़-थर्ड डिग्री कांड और अंकित बालियान हत्याकांड एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग उठाकर उन्होंने किसान मंच से स्थानीय जनसमस्याओं को जोड़कर सरकार के सामने एक व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती खड़ी कर दी है@MP Singh/INN
