दिल्ली में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार से हुई कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के कथित कबूलनामे के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 4 सितंबर को CJP नेताओं ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की।
नगीना सांसद और CJP नेता चंद्रशेखर आजाद समेत प्रतिनिधिमंडल की पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद पुलिस आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने पर सहमत हुई है। वहीं, संजय कुमार का दोबारा मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए या नहीं। साथ ही पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
निशु आजाद ने क्या बताया?
पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद निशु आजाद ने कहा कि उन्हें भरोसा दिया गया है कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से आरोपी के समर्थकों की ओर से उन्हें सोशल मीडिया पर गालियां और रेप की धमकियां दी जा रही हैं। निशु के मुताबिक, इन धमकियों को लेकर उन्होंने FIR भी दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि इस घटना का उन पर गहरा असर पड़ा और वह कई हफ्तों तक स्कूल नहीं जा सकीं। निशु ने उम्मीद जताई कि अब दिल्ली पुलिस मामले में तेजी से कार्रवाई करेगी।
वकील ने रखीं ये मांगें
निशु आजाद के वकील और AICC लॉ डिपार्टमेंट से जुड़े ऋषभ रंजन ने बताया कि एडिशनल DCP मंजीत शर्मा की मौजूदगी में पुलिस के सामने कई मांगें रखी गईं।
वकील के मुताबिक, मौजूदा FIR में हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग की गई है। साथ ही निशु को सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों के लिए अलग FIR दर्ज करने की मांग भी पुलिस के सामने रखी गई।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया है। इसके अलावा ऑनलाइन धमकी और अभद्रता करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की सूची भी पुलिस को सौंप दी गई है।
