मुरादाबाद। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने मुरादाबाद दौरे के दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। भारत का उद्देश्य मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ पड़ोसी देशों के साथ शांति और बेहतर व्यापारिक संबंध कायम करना है।
अठावले ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस की हालत बिना पानी के तड़पती मछली जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर सकारात्मक पहल में राजनीति दिखाई देती है, जबकि देशहित में भारत को दुनिया के विभिन्न देशों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने की आवश्यकता है।
ब्रिक्स सम्मेलन को बताया बड़ी उपलब्धि
आरपीआई अध्यक्ष ने ब्रिक्स सम्मेलन को भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में 21 देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंचों से भारत के व्यापार, निवेश और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी। भारत दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
अठावले ने यह भी कहा कि सम्मेलन के दौरान पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई और आतंकवाद के खिलाफ भारत को विभिन्न देशों का समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलना देश के लिए महत्वपूर्ण है।
2027 के विधानसभा चुनाव पर आरपीआई की नजर
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रामदास अठावले ने आरपीआई की रणनीति भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का गठबंधन केवल भारतीय जनता पार्टी के साथ रहेगा। बसपा के साथ किसी तरह के समझौते की संभावना से उन्होंने साफ इनकार किया।
अठावले ने कहा कि आरपीआई उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा को लेकर अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी का लक्ष्य दलित, वंचित और पिछड़े वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले आरपीआई संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेगी और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा।
26 नवंबर को लखनऊ में एक लाख कार्यकर्ताओं की महारैली
रामदास अठावले ने घोषणा की कि आगामी 26 नवंबर को लखनऊ में आरपीआई की बड़ी महारैली आयोजित की जाएगी, जिसमें करीब एक लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह रैली पार्टी की राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन होगी।
उन्होंने कहा कि महारैली के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा नेतृत्व के सामने पार्टी अपना दावा रखेगी। आरपीआई आगामी चुनाव में भाजपा से 8 से 10 विधानसभा सीटों की मांग करेगी।
अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ गठबंधन को आगे बढ़ाना चाहती है और चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशियों की जीत के लिए पूरी ताकत से काम करेगी।
आंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाने का दावा
आरपीआई अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर आरपीआई अपनी राजनीतिक गतिविधियों को और तेज करेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को पहुंचाने का आह्वान किया। अठावले ने दावा किया कि आने वाले समय में आरपीआई उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगी।
मुरादाबाद दौरे के दौरान रामदास अठावले के बयानों से स्पष्ट है कि आरपीआई ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं और वह भाजपा के साथ गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है@शांतनु/INN
