मुरादाबाद। जनपद में मानव आबादी के आसपास सक्रिय तेंदुओं को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग की ओर से चलाया जा रहा अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को तहसील कांठ क्षेत्र के ग्राम भरतपुर में लगाए गए ट्रैप केज में एक तेंदुआ फंस गया। तेंदुए के पिंजरे में आने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
वन विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए निगरानी और रेस्क्यू के लिए ट्रैप केज लगाया गया था। विभागीय टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही थी। गुरुवार को तेंदुआ ट्रैप केज में कैद हो गया, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित कब्जे में लिया।
लगातार बढ़ाई जा रही निगरानी
मुरादाबाद जनपद के ग्रामीण और वन क्षेत्र से सटे इलाकों में पिछले कुछ समय से तेंदुओं की सक्रियता सामने आती रही है। इसके मद्देनजर वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर ट्रैप केज लगाए गए हैं। साथ ही कैमरा ट्रैप और अन्य माध्यमों से भी तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
भरतपुर में तेंदुए के रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी जारी रखा है, ताकि आसपास के ग्रामीणों को किसी तरह का खतरा न हो।
16 तेंदुओं का हो चुका है रेस्क्यू
वन विभाग के मुताबिक, जनपद में सक्रिय तेंदुओं को रेस्क्यू करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अब तक 16 तेंदुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है। इससे पहले भी कांठ और ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र समेत विभिन्न ग्रामीण इलाकों में लगाए गए ट्रैप केज के माध्यम से तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ा गया है।
लगातार हो रहे रेस्क्यू से वन विभाग के सामने चुनौती भी स्पष्ट है कि तेंदुओं की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखी जाए और मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि तेंदुआ दिखाई देने की स्थिति में उसके करीब जाने, उसे घेरने या भीड़ लगाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी जाए। विशेष रूप से खेतों और जंगल से सटे इलाकों में अकेले जाने से बचने तथा बच्चों को निगरानी में रखने की सलाह दी जा रही है।
भरतपुर में तेंदुए के रेस्क्यू के साथ ही अभियान के तहत रेस्क्यू किए गए तेंदुओं की संख्या 16 हो गई है। वन विभाग की टीमें अन्य संभावित क्षेत्रों में भी तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं@जफर/INN
