दिल्ली में CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस संबंध में शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने अवमानना याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और मेट्रो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि स्टेशनों के गेट बंद रखकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया गया।
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में मेट्रो और रेलवे सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के बजाय नियंत्रित तरीके से जारी रखने का निर्देश दिया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया था कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती। अब मेट्रो गेट बंद रखने को लेकर दाखिल याचिका में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
