मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुनय झा एवं मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जनपद में कृषि एवं सहवर्ती क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, कृषकों एवं स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को विकसित करने के उद्देश्य से विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आगामी 100 दिनों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
स्थानीय स्तर पर फूलों के उत्पादन को दिया जाए बढ़ावा
जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में विभिन्न अवसरों एवं आयोजनों पर फूलों की मांग को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर फूलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके लिए कृषकों के साथ-साथ किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी प्रोत्साहित किया जाए, ताकि पारंपरिक फूलों के साथ ही विभिन्न आकर्षक एवं उन्नत किस्मों के फूलों की खेती को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर फूलों का उत्पादन बढ़ने से मांग की पूर्ति में सहायता मिलेगी तथा कृषकों के लिए आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।
गन्ने के बीज उत्पादन के लिए बनाई जाए कार्ययोजना
जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद में गन्ने के बीज का उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए उपयुक्त संभावनाओं का आकलन करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी प्रगति हो सके।
वृहद गौशालाओं में नस्ल सुधार एवं आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर जोर
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद की सभी सात वृहद गौशालाओं में प्रत्येक गौशाला से पांच अच्छी नस्ल की गायों को चिह्नित किया जाए। इन गायों के पोषण स्तर में सुधार के लिए अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उनका कृत्रिम गर्भाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस पहल से पशुओं की नस्ल सुधारने, बेहतर संतति प्राप्त करने तथा भविष्य में गौशालाओं को आर्थिक रूप से अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।
अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए 100 दिवसीय लक्ष्य निर्धारित
बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में अंडों की प्रतिदिन मांग करीब दो लाख है, जबकि वर्तमान उत्पादन करीब एक लाख अंडे प्रतिदिन है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी 100 दिनों की कार्ययोजना के अंतर्गत अंडा उत्पादन में कम से कम 25 से 30 हजार अंडे प्रतिदिन की अतिरिक्त वृद्धि करने के उद्देश्य से ठोस प्रयास किए जाएं।
नदी तटीय क्षेत्रों में इको-टूरिज्म की संभावनाएं तलाशें
जिलाधिकारी ने उपनिदेशक कृषि को निर्देशित किया कि आगामी 100 दिनों के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए रामगंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं के आधार पर इको-टूरिज्म स्थल विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके लिए उपयुक्त स्थलों को चिह्नित कर उनकी व्यवहार्यता का आकलन किया जाए तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की सहभागिता से स्थानीय स्तर पर आजीविका एवं रोजगार के अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।
स्वयं सहायता समूहों को कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग से जोड़ें
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कृषि विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की संभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, उनकी उपयोगिता बढ़ाने तथा स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि करने में मदद मिलेगी@शांतनु/INN
