मुरादाबाद। मण्डलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती मृणाली अविनाश जोशी द्वारा परिवर्तन दी चेंज, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया एवं वन विभाग के समस्त पदाधिकारियों के साथ डिडोरा ग्राम में स्थित वेटलैंड का स्थलीय निरीक्षण एवं भ्रमण किया गया।
भ्रमण के दौरान वेटलैंड में प्रमुख रूप से पाए जाने वाले राज्य पक्षी सारस के लगभग पाँच परिवारों को देखा गया। सारस के अतिरिक्त मोरहेन (जल मुर्गी), ईग्रेट, लिटिल ईग्रेट, इंडियन कॉरमोरेंट, यूरेशियन कूट एवं ग्रे पॉन्ड हेरॉन जैसी वेटलैंड में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई।
मण्डलायुक्त ने वेटलैंड की प्राकृतिक गुणवत्ता एवं जैव विविधता को अद्भुत बताते हुए निर्देशित किया कि इस वेटलैंड को अधिसूचित (नोटिफाई) कराने हेतु शासन स्तर पर कार्यवाही प्रारंभ की जाए।
भ्रमण के दौरान यह भी देखा गया कि वेटलैंड के आस-पास कमल की खेती एवं भसींडा (कमल ककड़ी) की खेती व्यापक रूप से की जा रही है। साथ ही यहाँ विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों का वास है तथा वृक्षारोपण की अच्छी संख्या भी मौजूद है।
यह वेटलैंड लगभग 37 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यदि इसे संरक्षित कर शासन स्तर पर नोटिफाई किया जाता है, तो यह एक उत्कृष्ट बर्ड वॉचिंग एवं इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित हो सकता है। नवंबर के प्रथम सप्ताह से फरवरी-मार्च तक यहाँ प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है।
मोडा तैय्या वेटलैंड एवं फैजुल्लागंज वेटलैंड के साथ-साथ डिडोरा वेटलैंड शहर में एक तीसरे महत्वपूर्ण वेटलैंड के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है@शांतनु/INN
