अमरोहा। सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराने और अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। गजरौला थाना क्षेत्र में एक मकान का नवीनीकरण करा रहे व्यक्ति से खुद को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण का अवर अभियंता और पदाधिकारी बताकर पांच हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि फर्जी पहचान पत्र दिखाकर मकान मालिक को संपत्ति सील कराने और बुलडोजर से ध्वस्त कराने की धमकी दी गई। दबाव में आकर पीड़ित ने मौके पर ही दो हजार रुपये दे दिए। बाद में जानकारी करने पर कथित अधिकारियों की पहचान फर्जी निकली। मामले में गजरौला पुलिस ने एक नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, सुल्तान नगर निवासी चंद्रभान सिंह पुत्र सोहन सिंह अपने मकान का नवीनीकरण कार्य करा रहे थे। आरोप है कि 26 अक्टूबर 2026 की शाम करीब पांच बजे शाहिद हुसैन पुत्र खैराती निवासी छोटी पायती कला, थाना डिडौली, अमरोहा और दो अज्ञात व्यक्ति बोलेरो गाड़ी से उनके मकान पर पहुंचे। तीनों ने खुद को अमरोहा विकास प्राधिकरण का अवर अभियंता एवं पदाधिकारी बताया और मकान में चल रहे निर्माण कार्य के संबंध में प्राधिकरण से एनओसी और अनुमति लिए जाने के बारे में पूछताछ शुरू कर दी।
फर्जी पहचान पत्र दिखाकर संपत्ति सील कराने की धमकी
आरोप है कि जब मकान मालिक चंद्रभान सिंह ने उनसे नाम और पद के बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र दिखाए। इसके बाद निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए संपत्ति सील कराने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने अपने मकान से संबंधित सभी मालिकाना दस्तावेज और पहले से प्राप्त अनुमतियां दिखाईं, लेकिन इसके बावजूद वे कथित तौर पर संतुष्ट नहीं हुए।
पांच हजार रुपये की मांग, दबाव में दिए दो हजार
एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, तीनों व्यक्तियों ने संपत्ति सील करने की धमकी देते हुए चंद्रभान सिंह से पांच हजार रुपये की मांग की। इस दौरान आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र होने लगे। सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर अपमान और बदनामी के भय से पीड़ित दबाव में आ गया और उसने तत्काल दो हजार रुपये नकद दे दिए। शेष रकम बाद में देने की बात कही। आरोप है कि रुपये लेकर जाते समय आरोपियों ने चेतावनी दी कि यदि शेष रकम समय से नहीं दी गई तो उनकी संपत्ति को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया जाएगा।
प्राधिकरण कार्यालय से जानकारी करने पर खुला फर्जीवाड़ा
घटना के बाद चंद्रभान सिंह ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी की। वहां पूछताछ करने पर उन्हें पता चला कि जिन नाम और पहचान के आधार पर संबंधित व्यक्ति खुद को अवर अभियंता एवं प्राधिकरण का कर्मचारी बता रहे थे, उस पहचान का कोई अवर अभियंता अथवा कर्मचारी प्राधिकरण में कार्यरत नहीं है। इसके बाद पीड़ित को कथित तौर पर अपने साथ हुई धोखाधड़ी और अवैध वसूली का एहसास हुआ। उन्होंने गजरौला थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एक नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर
गजरौला थाने में 29 अक्टूबर 2026 को रात 1:44 बजे मुकदमा संख्या 0656/2026 दर्ज किया गया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 318(4) और 308(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शाहिद हुसैन को नामजद किया है, जबकि दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अभिलाष प्रधान को सौंपी गई है।
पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, कथित फर्जी पहचान पत्रों और बोलेरो से घटनास्थल पर पहुंचने वाले अन्य व्यक्तियों के संबंध में जांच कर रही है@शांतनु/INN
