मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पंचायत भवन परिसर, मुरादाबाद में 02 से 06 नवंबर 2026 तक आयोजित मंडलीय सरस मेला-2026 में मंडलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह ने यहां लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुनय झा एवं मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी ने भी मेले का भ्रमण कर विभिन्न जनपदों से आई समूह की महिलाओं द्वारा प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया।

मंडलायुक्त ने ग्रामीण महिलाओं द्वारा उद्यम एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंडलीय सरस मेले जैसे आयोजन महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने, उनके उत्पादों की पहचान स्थापित करने तथा बिक्री के नए अवसर सृजित करने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी अनुनय झा ने भी मेले के सभी स्टॉलों का भ्रमण किया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने महिलाओं के परिश्रम, कौशल एवं उद्यमशीलता की सराहना करते हुए जनपदवासियों से अपील की कि वे मेले में पहुंचकर समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदारी करें तथा अपने परिचितों एवं अन्य लोगों को भी स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करें।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए तथा अधिकाधिक लोगों को मेले तक लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग, ब्रांडिंग एवं बिक्री के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि महिलाओं के उत्पादों को अधिक से अधिक ग्राहक मिल सकें और उनकी आजीविका को स्थायी रूप से मजबूती मिले। जिलाधिकारी की इस पहल से मेले में प्रतिभाग कर रही स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उत्साहित नजर आईं।
मंडलीय सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा कुल 45 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर सरसों का तेल, विभिन्न प्रकार के मसाले, हैंडलूम उत्पाद, जूट से निर्मित सामग्री, सैनिटरी उत्पाद, मिलेट्स (श्री अन्न) से तैयार खाद्य सामग्री, दीपावली के दीप एवं सजावटी वस्तुओं सहित विभिन्न स्थानीय एवं हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। मेले में मुरादाबाद मंडल के विभिन्न जनपदों से आईं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने उत्पादों के माध्यम से स्थानीय कला, कौशल एवं उद्यमिता का प्रदर्शन कर रही हैं।

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती मृणाली अविनाश जोशी ने भी समूह की महिलाओं से संवाद किया तथा उनके उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं विपणन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने, आकर्षक पैकेजिंग अपनाने तथा अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों ने बताया कि मेले में प्रतिभाग करने वाले स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं अन्य प्रतिभागियों के लिए अच्छे होटलों में ठहरने, खान-पान तथा होटल से मेला स्थल तक आवागमन की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों को बेहतर वातावरण एवं मंच उपलब्ध हो सके।
मंडलीय सरस मेला-2026 ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, स्वरोजगार को प्रोत्साहन, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह मेला स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी साकार कर रहा है@शांतनु/INN
