मुरादाबाद। सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत जनमानस को भ्रष्टाचार एवं कुप्रशासन के विरुद्ध जागरूक करने तथा प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के संबंध में जानकारी देने के उद्देश्य से मुरादाबाद शहर स्थित सर्किट हाउस सभागार में लोकायुक्त प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा गठित समिति ने अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की।

संयुक्त सचिव राजेश कुमार एवं समीक्षा अधिकारी अश्विनी पाठक के नेतृत्व में आयोजित बैठक में लोकायुक्त एवं उप लोकायुक्त व्यवस्था की कार्यप्रणाली, अधिकारिता तथा भ्रष्टाचार एवं कुशासन से संबंधित शिकायतों को दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश लोकायुक्त एवं उप लोकायुक्त व्यवस्था का उद्देश्य लोकसेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग एवं कुशासन से संबंधित प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।

समिति द्वारा अवगत कराया गया कि लोकायुक्त प्रशासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना आवश्यक है। शिकायत के साथ निर्धारित शपथपत्र एवं संबंधित अभिलेख संलग्न किए जाने होते हैं। शिकायत प्रस्तुत करने की निर्धारित प्रक्रिया एवं शुल्क के संबंध में भी जानकारी दी गई। साथ ही शिकायत में संबंधित लोकसेवक का नाम, पदनाम, शिकायत के तथ्य, घटना का विवरण तथा उपलब्ध साक्ष्यों का स्पष्ट उल्लेख करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को बताया गया कि भ्रष्टाचार अथवा कुप्रशासन से संबंधित किसी भी मामले की जानकारी होने पर निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से लोकायुक्त प्रशासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की जा सकती है। शिकायतकर्ता को अपना पूरा नाम, पता एवं संपर्क विवरण अंकित करना चाहिए, ताकि शिकायत के परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई में सुविधा हो सके।

बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोकायुक्त व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आमजन तक यह संदेश पहुंचाना रहा कि भ्रष्टाचार एवं कुशासन के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने के लिए एक प्रभावी संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध है। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रतिबद्ध है तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
समिति ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा आमजन को उनके अधिकारों एवं शिकायत निवारण की उपलब्ध व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक करें।

बैठक के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा वाजपेई जिला विद्यालय निरीक्षक ऋतु तोमर , जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेन्द्र राय के साथ-साथ अन्य अधिकारी गण एव विभिन्न विकास खण्डों से निवर्तमान प्रधान/ प्रशासक गण मौजूद रहे@शांतनु/INN
