दिल्ली-NCR में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। तमाम पाबंदियों और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के बावजूद राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार बना हुआ है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार एक बार फिर कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिवाली और छठ पूजा के बाद अगर प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है तो क्लाउड सीडिंग के जरिए बारिश कराने की योजना पर काम किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सरकार पिछले 15 दिनों में कृत्रिम बारिश के दो ट्रायल भी करा चुकी है। इनमें दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास क्लाउड सीडिंग का परीक्षण किया गया। इस बार करीब 30 हजार मीटर की ऊंचाई पर ट्रायल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले पिछले साल लगभग 10 हजार मीटर की ऊंचाई पर क्लाउड सीडिंग का प्रयोग किया गया था।
पिछले साल भी हुआ था कृत्रिम बारिश का प्रयोग
दिल्ली में प्रदूषण और जहरीले स्मॉग से राहत दिलाने के लिए पिछले साल 28 अक्टूबर को भी कृत्रिम बारिश कराने की कोशिश की गई थी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने IIT कानपुर की मदद ली थी। 23 अक्टूबर को पहला ड्राई रन किया गया, जिसमें विमान और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों को परखा गया था।
इसके बाद बुराड़ी, मयूर विहार और करोल बाग जैसे प्रदूषण प्रभावित इलाकों के ऊपर बादलों में सिल्वर आयोडाइड, साधारण नमक और रॉक सॉल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, अनुकूल मौसम और पर्याप्त बादल नहीं होने के कारण इस प्रयोग से उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो सकी।
तमाम पाबंदियों के बाद भी हवा जहरीली
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने इस बार पहले ही विंटर एक्शन प्लान लागू कर दिया है। इसके तहत दिल्ली के बाहर से आने वाले बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम जैसे कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है।
लेकिन इन उपायों के बावजूद प्रदूषण से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। दिल्ली में AQI 463 तक पहुंच गया, जबकि नोएडा में 456 और ग्रेटर नोएडा में 426 दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, ITO और लाजपत नगर समेत कई इलाकों में हवा की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। ऐसे में अब सरकार की नजर कृत्रिम बारिश की योजना पर टिकी है।
