गजरौला। भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
गंगा मेला तिगरी धाम “अन्नदाता लंगर” कैंप कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा)राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने प्रदेश सरकार द्वारा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 निर्धारित किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि खेती की बढ़ती लागत मूल्य के मद्देनजर किसान वर्ग के लिए यह राहत भरी ख़बर है और इस पहल का वह स्वागत भी करते हैं।
नरेश चौधरी ने उम्मीद जताई कि गन्ना मूल्य वृद्धि से छोटे एवं मध्यम किसानों की आय में 10 -15 प्रतिशत वृद्धि संभव है, जो खाद, बीज और मजदूरी जैसे इनपुट लागतों को कवर करेगी। चीनी मिलों की समय पर भुगतान व्यवस्था से नकदी प्रवाह सुधरेगा, जिससे ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि किसान और उन्नत बीज अपनाएंगे, सिंचाई और मशीनीकरण बढ़ेगा। इससे बेरोजगारी पर काबू पाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। हालांकि, मिलों पर बकाया भुगतान और जलवायु जोखिमों का समाधान जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती का क्षेत्रफल लगभग 20 लाख हेक्टेयर है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गन्ना बैल्ट, जिसमें मुरादाबाद अमरोहा बिजनौर,मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बागपत और शामली जैसे जिले शामिल हैं।। यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से गन्ने पर निर्भर है, जहां लाखों किसान और मजदूर इस फसल से जुड़े हैं। सरकार द्वारा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का 390 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
सरकार का दावा है कि इससे राज्य के किसानों को करीब 3 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पश्चिमी यूपी में गन्ने की खेती का क्षेत्रफल लगभग 20 लाख हेक्टेयर है, जहां अगेती प्रजाति का योगदान 30-40 प्रतिशत है। हालांकि, मिलों पर बकाया भुगतान और जलवायु जोखिमों का समाधान जरूरी है।
