बिहार के मुजफ्फरपुर में जनसभा को संबोधित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरजेडी-कांग्रेस समेत पूरे महागठबंधन पर हमला बोला है. पीएम ने कहा कि आरजेडी की पहचान कट्टा, क्रूरता, कटुता, करप्शन और कुशासन से है. कुशासन में गरीब का हक लूट जाता है, सिर्फ और सिर्फ कुछ परिवार ही फलते-फूलते हैं. ऐसे लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर सकते.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आरजेडी की पहचान कट्टा, क्रूरता, कटुता, करप्शन और कुशासन से है. कट्टा, क्रूरता राज में क़ानून दम तोड़ता है. ये चीजें जहां होती हैं वहां विकास नहीं होता. इन्होंने बिहार के साथ विश्वासघात किया है. अपमान करने वालों को बिहार माफ नहीं करेगा. विकसित भारत के लिए विकसित बिहार जरूरी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छठ पर्व को यूनेस्को विश्व विरासत में शामिल करने का प्रयास जारी है. इसी दिशा में हम एक और अभियान शुरू करने जा रहे हैं .हम चाहते हैं कि नई पीढ़ी भी छठ महापर्व के गीतों की महान परंपरा से जुड़ सके. गीतों के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संस्कार और परंपरा चलती है. इसे देशव्यापी ताकत देने के लिए हम पूरे देश में विभिन्न कलाकारों द्वारा छठ पूजा के भजनों की प्रतियोगिता आयोजित करेंगे.
उन्होंने कहा, छठ पूजा से पहले यह प्रतियोगिता पूरी की जाएगी ताकि नए कलाकार, नए गीत, नई भक्ति और नई भावना व्यक्त कर सकें. देश की हर भाषा के लोगों को इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा. जनता स्वयं चुनेगी कि कौन से गीत उन्हें सबसे अधिक पसंद आते हैं. जो शीर्ष गीत चुने जाएंगे, उन्हें लिखने वाले और गाने वाले कलाकारों को अगले वर्ष छठ पूजा से पहले सम्मानित किया जाएगा और पुरस्कार भी दिए जाएंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि अब सोचिए कि जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का हो वो क्या किसी उद्योग को जमीन देंगे? जिन्होंने बिहार को लालटेन युग में रखा वो दे पाएंगे जमीन? पीएम मोदी ने आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि जिन्होंने रेल को लूटा वो बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे क्या, जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटाले किए वो कानून का राज लाएंगे क्या?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छठ को लेकर अभियान पर विचार मुझे तब आया जब मैं यात्रा के दौरान रात में या सुबह योग करते समय छठ मईया के भजन सुनता था. उनमें मैंने देखा कि एक विदेशी महिला कितने सुंदर ढंग से छठी मईया के गीत गा रही थी. मैंने नागालैंड की एक बेटी को भी देखा – जिसके लिए हिंदी बोलना भी कठिन था. लेकिन वह इतनी भावनाओं से छठी मईया का भजन गा रही थी कि मन भावविभोर हो गया. तभी मेरे मन में यह विचार आया कि अब छठी मइया की भक्ति केवल भारत के कोने-कोने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में भक्ति का भाव जगा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपका यह बेटा छठी मईया की जय-जयकार दुनिया भर में कराने में लगा है. लेकिन दूसरी तरफ, कांग्रेस और आरजेडी के लोग क्या कर रहे हैं? वे छठी मइया का अपमान कर रहे हैं. क्या कोई सिर्फ चुनाव में वोट पाने के लिए छठी मइया का अपमान कर सकता है? क्या बिहार ऐसे अपमान को स्वीकार करेगा? क्या हिंदुस्तान इस तरह के शब्दों को बर्दाश्त करेगा?
उन्होंने कहा, मेरी माताएं जो निर्जला उपवास रखती हैं, क्या वे इस अपमान को सहन करेंगी? आरजेडी और कांग्रेस के नेता कैसी बेशर्मी से बोल रहे हैं. उनके लिए तो छठी मईया की पूजा एक “ड्रामा” है, एक “नौटंकी” है. क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं? क्या ऐसे लोगों को सज़ा दोगे या नहीं दोगे? जो माताएं और बहनें लंबा व्रत रखती हैं, जो गंगा जी में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं. क्या आरजेडी और कांग्रेस की नजर में वे “ड्रामा” कर रही हैं?
