भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ के तहत बड़ी संख्या में किसान राजधानी पहुंच चुके हैं और बुधवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी में हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मंगलवार देर रात कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद किसानों ने साफ कर दिया कि अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और सीधे मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे।
मूंग खरीदी और खाद वितरण बना सबसे बड़ा मुद्दा
आंदोलन कर रहे किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि सरकार मूंग की फसल की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करे। उनका आरोप है कि सरकार ने किसानों को मूंग की खेती के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन अब खरीद से पीछे हट रही है। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था को लेकर है। किसानों का कहना है कि मौजूदा टोकन सिस्टम के कारण उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, इसलिए इसे तत्काल समाप्त किया जाए।
25 दिन से जारी है आंदोलन
किसानों का कहना है कि वे पिछले 25 दिनों से अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर धरना दे रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद नर्मदापुरम समेत आसपास के 12 जिलों के किसान पैदल यात्रा करते हुए भोपाल पहुंचे हैं।
युवा किसानों ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में शामिल किसानों का दावा है कि इस बार आंदोलन की कमान युवा और जेन-ज़ी किसानों के हाथ में है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
सड़क पर ही बनाया भोजन
रातभर धरने पर बैठे किसानों ने सड़क किनारे ही आग जलाकर दाल-बाटी तैयार की और टमाटर-मिर्च का भरता बनाकर भोजन किया। किसानों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वे लंबे समय तक आंदोलन जारी रखने के लिए राशन का भी इंतजाम कर लेंगे।
ट्रैफिक पर पड़ा असर, स्कूलों में अवकाश
किसान आंदोलन के चलते भोपाल के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है और लोगों से वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की अपील की है। वहीं, एहतियात के तौर पर शहर के कई स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है।
फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है।
