वाराणसी। धानमंत्री मोदी ने देश को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी है. पीएम मोदी ने शनिवार को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों हरी झंडी दिखाई. इनमें सबसे प्रमुख ट्रेन वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस है, जो काशीवासियों और पूर्वांचल के लिए एक बड़ा उपहार मानी जा रही है. प्रधानमंत्री ने इन ट्रेनों को बनारस (पूर्व मंडुवाडीह) रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. इसके अलावा, पीएम मोदी वर्चुअल माध्यम से अन्य तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई. इनमें लखनऊ से सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, फिरोजपुर से दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, और एर्नाकुलम से बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं.

नई वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी. इससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा. साथ ही यह ट्रेन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम पहुंच प्रदान करेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को नया आयाम और आर्थिक गति मिलेगी.
बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस
बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा. यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ेगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि तीर्थयात्रियों और यात्रियों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक आधुनिक और आरामदायक रेल कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी.
लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
लखनऊ से सहारनपुर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 7 घंटे 45 मिनट में अपनी यात्रा पूरी करेगी, जिससे मौजूदा विशेष ट्रेनों के मुकाबले लगभग 1 घंटे की बचत होगी. इस नयी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को फायदा होगा. साथ ही, इसकी वजह से रुड़की होते हुए हरिद्वार तक पहुंच भी बेहतर होगी. मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इससे रेल कनेक्टिविटी मज़बूत होगी.
फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत
फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन इस रूट पर सबसे तेज़ चलने वाली ट्रेन होगी, जो अपनी यात्रा 6 घंटे 40 मिनट में पूरी करेगी। ये ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब के प्रमुख शहरों, जैसे फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला, के बीच संपर्क को मज़बूत करेगी. इससे व्यापार और पर्यटन दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत
एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लांच से इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों के बीच यात्रा 8 घंटे 40 मिनट में पूरी हो सकेगी, जो मौजूदा विशेष ट्रेनों के मुकाबले 2 घंटे से भी कम है. ये नयी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी, जिससे आईटी प्रोफेशनलों, छात्रों और पर्यटकों को तेज़ यात्रा का विकल्प मिलेगा. यह रूट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच आर्थिक कार्यकलापों और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
