मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति के अधिकारियों के साथ मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
जिले में तैनात की गई।नवचयनित मुख्य सेविकाओं ने भी बैठक में प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी ने नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं से बातचीत की और विभाग द्वारा स्वास्थ्य और सुपोषण की दिशा में संचालित कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी, साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि वे इन सभी मुख्य सेविकाओं को प्रशिक्षण दिलाएं और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित होने वाली गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कराने में सक्षम बनाया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के प्रति विशेष कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसमें नवचयनित मुख्य सेविकाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी मासिक रूप से पीटीएम (पेरेंट्स टीचर मीटिंग) का आयोजन होना चाहिए और इस दौरान अभिभावकों को बच्चे के स्वास्थ्य, सुपोषण और स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जाए ताकि बच्चों की बेहतर देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा में अभिभावकों की जिम्मेदारी के प्रति उन्हें जागरूक बनाया जा सके।

जिले में प्रस्तावित 11 आंगनवाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण कार्य शुरू न होने के कारणों के बारे में उन्होंने अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण से जानकारी ली और निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर कार्य शुरू कराना सुनिश्चित करें। पोषण पुनर्वास केंद्र पर अति गंभीर कुपोषित बच्चों के भर्ती होने की मासिक रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह बच्चों को कुपोषण के कुचक्र से बाहर निकालने के लिए सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई है इसलिए स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस के विभागीय अधिकारी गंभीरता दिखाते हुए अधिकतम बच्चों को स्वास्थ्य लाभ दिलवाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी भी मौजूद रहीं।
