असम में मशहूर गायक जुबिन गर्ग की मौत अब एक बड़ा सवाल बन गई है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि जुबिन की हत्या की गई थी और जिन्होंने यह किया है, वे कानून से बच नहीं पाएंगे. शुरुआत में सिंगापुर प्रशासन ने इसे एक सामान्य हादसा बताया था और आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया था, लेकिन अब असम सरकार ने इसे हत्या मानते हुए जांच शुरू कर दी है.
असम विधानसभा में बोलते हुए हिमंता सरमा ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद, असम पुलिस को यकीन था कि यह गैर-इरादतन हत्या का मामला नहीं था, बल्कि यह एक सीधी-सादी हत्या थी. सीएम सरमा ने दावा किया, “आरोपियों में से एक ने गर्ग की हत्या की, और दूसरों ने उसकी मदद की. हत्या के मामले में चार से पांच लोगों पर मामला दर्ज किया जा रहा है.”
जुबिन गर्ग की मौत के बाद परिवार, प्रशंसकों और कुछ राजनीतिक नेताओं ने सवाल उठाए. इसी दबाव के बाद असम सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और एक सदस्यीय न्यायिक आयोग बनाया. भारत सरकार ने भी सिंगापुर से जांच में मदद के लिए MLAT प्रक्रिया शुरू की है.
जांच में अब तक कई अहम खुलासे हुए हैं. पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें फेस्टिवल आयोजक श्यामकानू महांता, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, कुछ बैंड सदस्य, जुबिन के कजिन और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं. सुरक्षाकर्मियों के बैंक खातों में 1.1 करोड़ रुपये से ज्यादा की संदिग्ध रकम मिलने के बाद अब वित्तीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं.
