क्रिसमस के त्योहार से कुछ दिन पहले, देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर हरिद्वार और जबलपुर में, धार्मिक संगठनों के विरोध के कारण तनाव का माहौल बन गया है। दक्षिणपंथी संगठनों ने कई जगहों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में बाधा डाली है और हिंदुओं से इस त्योहार से दूर रहने की अपील की है।
हरिद्वार: गंगा तट पर कार्यक्रम रद्द
उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटल भगीरथ में 24 दिसंबर के लिए प्रस्तावित ‘एक्सपीरियंस क्रिसमस’ कार्यक्रम को हिंदू संगठनों और श्रीगंगा सभा के कड़े विरोध के बाद रद्द कर दिया गया है।
- विरोध का कारण: तीर्थ पुरोहितों ने तर्क दिया कि गंगा के तट पर इस तरह के “गैर-हिंदू” या “विदेशी संस्कृति” से जुड़े आयोजन स्थानीय धार्मिक परंपराओं और पवित्रता के खिलाफ हैं।
- होटल का पक्ष: होटल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आयोजन में बच्चों के लिए सामान्य खेल और एक भव्य गंगा आरती शामिल थी, न कि कोई धर्म-विरोधी गतिविधि, लेकिन विवाद से बचने के लिए कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
जबलपुर: चर्च में मारपीट और झड़पें
मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थिति अधिक गंभीर रही, जहाँ दो अलग-अलग घटनाओं में तनाव की खबरें हैं:
- दृष्टिबाधित महिला से मारपीट: हवा बाग स्थित एक चर्च में बच्चों के लिए आयोजित क्रिसमस लंच के दौरान भाजपा की नगर उपाध्यक्ष अंजू भार्गव द्वारा एक दृष्टिबाधित महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल हुआ है। भार्गव ने महिला पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने बाद में दावा किया कि उन्हें फंसाया गया था और खुद उन पर हमला हुआ था।
- हिंसक झड़पें: इसके अलावा, गोरखपुर और माढ़ोताल थाना क्षेत्रों में भी दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं और ईसाई समुदाय के बीच झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस हाई अलर्ट पर है।
अन्य शहरों में भी मामले
- दिल्ली: लाजपत नगर मार्केट में कथित तौर पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सांता कैप पहनी महिलाओं को धमकाया और उन्हें वहां से जाने के लिए मजबूर किया।
- हरियाणा और केरल: गुरुग्राम, पटौदी और केरल के कुछ स्कूलों में भी क्रिसमस समारोहों में बाधा डालने या उन्हें रद्द करने के लिए दबाव डालने के मामले सामने आए हैं।
