बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी, अवामी लीग (Awami League), फरवरी 2026 में होने वाले आगामी राष्ट्रीय संसदीय चुनावों में भाग नहीं ले पाएगी।
- मतदान की तिथि: 12 फरवरी, 2026।
- नामांकन प्रक्रिया: उम्मीदवार 29 दिसंबर, 2025 तक नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं।
- नाम वापसी: नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 20 जनवरी, 2026 है।
- प्रचार अवधि: चुनावी अभियान 22 जनवरी, 2026 से शुरू होकर मतदान से 48 घंटे पहले समाप्त होगा।
अवामी लीग पर प्रतिबंध का कानूनी आधार
अंतरिम सरकार ने अवामी लीग को चुनावी प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा है। प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने 24-25 दिसंबर, 2025 को इसकी पुष्टि की।
- पंजीकरण रद्द: चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर अवामी लीग का राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण रद्द कर दिया है।
- आतंकवाद विरोधी अधिनियम: पार्टी की गतिविधियों को ‘आतंकवाद विरोधी अधिनियम 2025’ के तहत मई 2025 में ही प्रतिबंधित कर दिया गया था।
- प्रतिबंध की अवधि: यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) शेख हसीना और अन्य पार्टी नेताओं के खिलाफ चल रहे मानवता के खिलाफ अपराधों के मुकदमों का फैसला नहीं कर लेता।
‘जुलाई चार्टर’ और जनमत संग्रह
2026 के चुनाव बांग्लादेश के इतिहास में पहली बार “दोहरे चुनाव” (Twin Polls) होंगे।
- संसदीय सीटों के लिए मतदान के साथ-साथ उसी दिन ‘जुलाई चार्टर’ पर एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह (Referendum) भी होगा।
- इस चार्टर का उद्देश्य संवैधानिक सुधार करना है, जिसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा (अधिकतम 10 वर्ष या दो कार्यकाल) तय करना और न्यायिक स्वतंत्रता को मजबूत करना शामिल है।
शेख हसीना और अवामी लीग की प्रतिक्रिया
शेख हसीना ने भारत से जारी एक बयान में इस पूरी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन बताया है।
- “राज्याभिषेक” का आरोप: उन्होंने कहा कि अवामी लीग के बिना चुनाव वास्तव में चुनाव नहीं बल्कि एक “राज्याभिषेक” (Coronation) है।
- बहिष्कार की चेतावनी: पार्टी ने चुनाव आयोग को “अवैध और पक्षपातपूर्ण” बताते हुए चुनाव कार्यक्रम को खारिज कर दिया है और अपने लाखों समर्थकों द्वारा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और राजनीतिक माहौल
- अमेरिका का हस्तक्षेप: दिसंबर 2024 के अंत में, 5 अमेरिकी सांसदों (ग्रेगरी मीक्स और बिल हुइज़ेंगा सहित) ने मोहम्मद यूनुस को पत्र लिखकर एक “समावेशी चुनाव” की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी बड़ी पार्टी को प्रतिबंधित करना लोकतंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है।
- नए राजनीतिक समीकरण: अवामी लीग की अनुपस्थिति में मुख्य मुकाबला खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और छात्रों द्वारा गठित नई नेशनल सिटीजन्स पार्टी (NCP) के बीच होने की उम्मीद है।
- स्वतंत्र उम्मीदवार: विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही अवामी लीग एक दल के रूप में नहीं लड़ सकती, लेकिन इसके सदस्य स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बना सकते हैं।
