केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ‘मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2025’ में 2025 के अंत में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म पर यात्री सुरक्षा को बढ़ाना और ड्राइवरों के हितों की रक्षा करना है.
दिशानिर्देशों के मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
1. महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा विकल्प
- महिला ड्राइवर का चुनाव: अब महिला यात्री बुकिंग के समय विशेष रूप से महिला ड्राइवर (या उसी लिंग के ड्राइवर) को चुनने का विकल्प चुन सकेंगी.
- उपलब्धता पर आधारित: यह सुविधा ‘उपलब्धता’ पर निर्भर करेगी। चूंकि वर्तमान में महिला ड्राइवरों की संख्या काफी कम (लगभग 1% से 5%) है, इसलिए इस विकल्प को चुनने पर यात्रियों को अधिक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है.
2. टिप के नियमों में बदलाव
- एडवांस टिप पर रोक: सरकार ने बुकिंग के समय या यात्रा शुरू होने से पहले टिप देने के विकल्प को प्रतिबंधित कर दिया है. इसका उद्देश्य बुकिंग प्रक्रिया को ‘बोली’ बनने से रोकना है.
- यात्रा के बाद ही टिप: अब टिप देने का विकल्प केवल यात्रा पूरी होने के बाद ही ऐप पर दिखाई देगा.
- ड्राइवर को 100% भुगतान: यात्री द्वारा दी गई टिप की पूरी राशि सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगी। एग्रीगेटर कंपनियां इसमें से कोई कमीशन नहीं काट सकेंगी.
3. किराया और अन्य महत्वपूर्ण नियम
- किराया नियंत्रण: कंपनियां बेस फेयर (Base Fare) से 50% कम और अधिकतम दोगुना (2x) तक सर्ज प्राइस (Surge Pricing) वसूल सकेंगी.
- बीमा: प्रत्येक यात्री के लिए ₹5 लाख का अनिवार्य यात्रा बीमा प्रदान करना होगा.
- रद्दीकरण शुल्क (Cancellation Fee): यदि ड्राइवर या यात्री बुकिंग स्वीकार करने के बाद उसे रद्द करते हैं, तो किराए का 10% (अधिकतम ₹100 तक) जुर्माना लगाया जा सकता है.
- बाइक टैक्सी को मंजूरी: नए नियमों ने देश भर में बाइक टैक्सियों के संचालन के लिए स्पष्ट कानूनी रास्ता साफ कर दिया है.
