एमडीए कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
मुरादाबाद। जनपद के गांव मऊ के ग्रामीणों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण दिल्ली रोड स्थित मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) कार्यालय पहुंचे थे।

यहां उन्होंने प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए न्याय की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि एमडीए द्वारा उनके मकानों को चिन्हित किए जाने से पूरे गांव में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

पट्टाधारक होने के बावजूद कार्रवाई की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार वे सभी गरीब परिवारों से हैं और सरकार द्वारा उन्हें वर्षों पहले वैध रूप से पट्टे की भूमि आवंटित की गई थी। इन्हीं पट्टों के आधार पर उन्होंने अपने घर बनाए और दशकों से वहीं रह रहे हैं।

अब अचानक उनके मकानों को अवैध बताकर कार्रवाई किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिससे उनका जीवन और भविष्य संकट में पड़ गया है।

आज़ाद समाज पार्टी ने सुनी ग्रामीणों की पीड़ा
शुक्रवार को आज़ाद समाज पार्टी के पदाधिकारी गांव मऊ पहुंचे और पीड़ित ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। पार्टी नेताओं ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इंसाफ की इस लड़ाई में पार्टी पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।

काशीराम आवास कॉलोनी के रास्ते को लेकर विवाद
ग्रामीणों का आरोप है कि एमडीए काशीराम आवास कॉलोनी के लिए रास्ता बनाने के नाम पर गांव मऊ के गरीबों के घरों को निशाना बना रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि कॉलोनी निर्माण के समय स्थायी वैकल्पिक मार्ग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी। मजबूरी में लोगों को रेलवे लाइन पार कर आना-जाना पड़ता था, जिसे बाद में रेलवे विभाग ने सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया।
समाधान के बजाय तोड़फोड़ की योजना का आरोप
रेलवे रास्ता बंद होने के बाद कॉलोनी का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के बजाय अब एमडीए गांव मऊ के मकानों को तोड़कर रास्ता निकालने की योजना बना रहा है, जो गरीब परिवारों के साथ अन्याय है।

राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचेगा मामला
आज़ाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस गंभीर मुद्दे को नगीना सांसद एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीबों के आशियानों को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनका वर्षों पुराना बसेरा सुरक्षित रह सकेगा।
