दुकानों के प्रस्ताव को लेकर टकराव
मुरादाबाद। मझोला थाना क्षेत्र स्थित मंडी समिति में 38 नई दुकानों के प्रस्ताव को लेकर उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब व्यापारी दो गुटों में बंट गए। एक गुट जहां इस प्रस्ताव को विकास से जोड़ते हुए नगर विधायक रितेश गुप्ता की सराहना कर रहा है, वहीं बड़ी संख्या में व्यापारी इस फैसले का खुला विरोध करते नजर आए।

बुलडोजर पहुंचते ही भड़का आक्रोश
जैसे ही मंडी परिसर में 38 दुकानों की नींव डालने के लिए बुलडोजर पहुंचा, विरोध कर रहे व्यापारी मौके पर जमा हो गए। व्यापारियों ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर काम रुकवा दिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

इसके बाद मंडी सचिव कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया, जिससे पूरे परिसर में तनाव फैल गया।
व्हाइट पेपर पर हस्ताक्षर के दुरुपयोग का आरोप
धरने पर बैठे व्यापारी राजू ने मंडी सचिव और प्रशासनिक कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले व्यापारियों से सफेद कागज (व्हाइट पेपर) पर हस्ताक्षर कराए गए थे, जिनका बाद में गलत इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि बिना व्यापारियों की सहमति के उन्हीं हस्ताक्षरों के आधार पर खुदाई का काम शुरू करा दिया गया।

चोरी-छिपे निर्माण कराने का दावा
विरोध कर रहे व्यापारियों का कहना है कि उनकी आपत्ति के बावजूद चोरी-छिपे निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे व्यापारियों में गहरी नाराजगी है और वे इसे मंडी हितों के खिलाफ बता रहे हैं।

“विरोध से कुछ नहीं होगा” बयान से बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार व्यापारियों को यह संदेश दिया गया कि विरोध करने से कुछ नहीं होगा और निर्माण कार्य जारी रहेगा। इस कथित बयान से व्यापारियों का आक्रोश और भड़क गया, जिसके बाद मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज हो गई।

70 प्रतिशत व्यापारी प्रस्ताव से असंतुष्ट
मंडी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब 70 प्रतिशत व्यापारी 38 दुकानों के प्रस्ताव से असंतुष्ट हैं और इसे मंडी के हितों के विपरीत मानते हैं। हालांकि, दूसरा गुट इसे विकास की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है।

स्थिति अब भी तनावपूर्ण
फिलहाल मंडी समिति परिसर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। उच्च अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर व्यापारियों समेत सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
