प्रदूषण पर प्रशासनिक तंत्र पर तीखा हमला
अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा कि गैस चैंबर बने औद्योगिक क्षेत्र के आगे प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई किसी प्रकार की प्रदूषण पॉलिटिक्स नहीं, बल्कि आम जनता के फेफड़ों और सांसों को बचाने की जंग है।
जिम्मेदारी सबकी, जवाबदेही किसी की नहीं
नरेश चौधरी ने कहा कि रासायनिक कारखानों से निकलने वाले ज़हरीले उत्सर्जन की जिम्मेदारी तो सब पर डाल दी जाती है, लेकिन जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं है। ज़हरीले उत्सर्जन के स्रोत बहुस्तरीय हैं और इन्हीं पर नियंत्रण करना नीति-निर्माताओं की असली परीक्षा है। उन्होंने प्रदूषण से जुड़े छिपे स्वास्थ्य संकट के समाधान के लिए साहसिक निर्णय लेने का आह्वान किया।
कोविड के बाद गहराता जल और वायु संकट
किसान नेता ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद जल और वायु संकट धीरे-धीरे गंभीर रूप लेता जा रहा है। अफसोस की बात यह है कि इस संकट को न तो समय रहते पहचाना गया और न ही इसके समाधान के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए।
छठे दिन भी जारी रहा किसानों का धरना
भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) द्वारा रासायनिक कारखानों के ज़हरीले उत्सर्जन के खिलाफ चलाए जा रहे धरने के छठे दिन नरेश चौधरी शहबाजपुर डोर पहुंचे। उन्होंने कहा कि कड़कड़ाती ठंड में किसानों को धरने पर बैठने के लिए मजबूर करने वालों को यह स्पष्ट संदेश है कि नेशनल हाईवे-09 समेत पूरे इलाके में प्रदूषण के कारण स्मॉग की मोटी चादर छा गई है। इससे घुटन बढ़ रही है और हवा व पानी की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है।
स्टॉक मार्केट की तरह मापा जाए प्रदूषण
नरेश चौधरी ने कहा कि यहां फैले प्रदूषण को स्टॉक मार्केट के सूचकांक की तरह गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का समय है। उन्होंने चेतावनी दी कि हसनपुर क्षेत्र से गुजरने वाली सदानीरा बगद नदी और उसके आसपास के इलाकों को प्रदूषण के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी चरणसिंह ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय सचिव चंद्रपाल सिंह ने किया।
किसानों की बड़ी मौजूदगी
इस मौके पर राष्ट्रीय मुख्य सचिव अरुण सिद्धू, तेजपाल सिंह, जगदेव सिंह, रामकृष्ण चौहान, सुशील चौधरी, राहुल सिद्धू, आजम खान, अभिषेक भुल्लर, समीर चौधरी, नूर मोहम्मद, जरार चौधरी, अंकुर चौधरी, शान चौधरी, चौधरी चरण सिंह, कैलाश नाथ, अरुण चौधरी, प्रीतम सिद्धू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
