पर्वों, परीक्षाओं और साम्प्रदायिक सौहार्द को देखते हुए जिला प्रशासन का सख्त फैसला
मुरादाबाद। आगामी धार्मिक पर्वों, राष्ट्रीय आयोजनों तथा विभिन्न प्रतियोगी एवं शैक्षणिक परीक्षाओं के मद्देनज़र कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट अनुज सिंह ने पूर्ण संतुष्टि के उपरांत यह आदेश जारी किए हैं, जो 26 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
आदेश में कहा गया है कि मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, गणतंत्र दिवस, संत रविदास जयंती, शबे बरात, महाशिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान तथा जनपद में आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं के समय किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या, अफवाह, सांप्रदायिक तनाव अथवा लोक व्यवस्था में व्यवधान की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
लोक व्यवस्था बनाए रखने पर प्रशासन का जोर
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शांति, सौहार्द और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़भाड़ वाले आयोजनों, जुलूसों, धार्मिक कार्यक्रमों तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए यह निषेधाज्ञा आवश्यक पाई गई है।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा के आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के अंतर्गत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें कानूनी प्रावधानों के तहत दंड एवं अन्य कार्रवाई शामिल होगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से संबंधित जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को उपलब्ध कराएं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनहित में पारित किया गया है, जिससे सभी पर्व, आयोजन और परीक्षाएं शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जा सकें।
