मुरादाबाद। शहर के दीन दयाल नगर फेस–2 में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ इलाके में सनसनी फैला दी, बल्कि घरों में काम करने वालों पर भरोसे को भी गहरे झटके दे दिए हैं। एक नौकरीपेशा दंपति के घर दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया, वह भी उस वक्त जब घर में सिर्फ एक मासूम बच्ची मौजूद थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घर की सुरक्षा में लगी घरेलू सहायिका ही इस वारदात की मुख्य आरोपी निकली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंपति रोज़ की तरह अपने-अपने काम पर चले गए थे और घर पर उनकी छोटी बच्ची थी। बच्ची की देखभाल और घर की जिम्मेदारी घरेलू सहायिका के भरोसे छोड़ी गई थी, जिसे महज एक महीने पहले ही काम पर रखा गया था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए सहायिका ने पूरी योजना के तहत घर से कीमती सामान समेट लिया और आराम से फरार हो गई।
चोरी की इस वारदात में घर से सोने के जेवरात, नकदी, सरकारी टैबलेट और कीमती बर्तन सहित लाखों रुपये का सामान गायब पाया गया। सबसे डरावनी बात यह रही कि वारदात के दौरान मासूम बच्ची घर में मौजूद थी। गनीमत रही कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन परिजनों और मोहल्ले वालों का भरोसा पूरी तरह टूट गया।
शाम को जब दंपति घर लौटे तो घर का नज़ारा देखकर उनके होश उड़ गए। अलमारी खुली पड़ी थी, सामान बिखरा हुआ था और कीमती वस्तुएं गायब थीं। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही सर्विलांस और तकनीकी टीम को आरोपी की तलाश में लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर घरेलू सहायिका को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में महिला ने चोरी की वारदात को कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत और आक्रोश का माहौल है। लोग खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि अगर मासूम बच्ची के साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी महिला अकेले इस वारदात में शामिल थी या किसी गिरोह के साथ मिलकर उसने चोरी की योजना बनाई थी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घरों में काम करने वाले कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं और बच्चों को अकेला छोड़ते समय विशेष सतर्कता बरतें।
