सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। इस हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी के CEO को पद से हटा दिया गया है, जबकि कई अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
क्या है पूरा मामला:
बीते दिनों देर रात कोहरे के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में जा गिरी। गड्ढे में पानी भरा हुआ था और मौके पर न तो बैरिकेडिंग थी, न ही कोई चेतावनी संकेत। कार सवार इंजीनियर की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
प्रशासनिक एक्शन:
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के CEO को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। इसके साथ ही एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त किया गया है और संबंधित विभागों के कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जांच के आदेश:
हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए SIT (विशेष जांच टीम) का गठन किया गया है। टीम को यह पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही।
डेवलपर पर भी शिकंजा:
पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर निर्माण कार्य से जुड़े डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के खुदाई कराई गई, जिससे यह हादसा हुआ।
उठे सवाल:
इस घटना ने नोएडा में निर्माण स्थलों की सुरक्षा, प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें SIT की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
