- 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी और नोएडा के सेक्टर 150 में सड़क किनारे एक गहरे नाले (अंडर-कंस्ट्रक्शन बेसमेंट) में उनकी कार गिर गई।
- मदद की पुकार: गिरने के बाद युवराज करीब 90 मिनट से 2 घंटे तक अपनी कार की छत पर खड़े होकर मदद के लिए चिल्लाते रहे। उन्होंने अपने पिता को फोन कर लोकेशन भी भेजी थी।
- प्रशासनिक विफलता: मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें पहुंच गईं, लेकिन आरोप है कि किसी भी अधिकारी ने ठंडे पानी और अंदर मौजूद लोहे की छड़ों के डर से उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरने की हिम्मत नहीं दिखाई।
सौरभ भारद्वाज के आरोप और खुलासे
- CEC से कनेक्शन: भारद्वाज ने दावा किया कि नोएडा की डीएम मेधा रूपम, वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं।
- जवाबदेही से बचाव: उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम के इस “शक्तिशाली” पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण ही योगी सरकार उनके खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है।
- गलत अधिकारियों पर गाज: भारद्वाज का तर्क है कि कानूनन आपदा प्रबंधन (Disaster Management) की जिम्मेदारी डीएम की होती है। लेकिन प्रशासन ने डीएम पर कार्रवाई करने के बजाय नोएडा प्राधिकरण के CEO लोकेश एम का तबादला कर दिया और एक जूनियर इंजीनियर (JE) को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने इसे जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली कार्रवाई बताया।
- सिस्टम पर हमला: उन्होंने कहा कि जब एक प्रभावशाली अधिकारी की संतान जिले का नेतृत्व कर रही हो, तो वहां आम नागरिक के लिए न्याय पाना असंभव है।
अब तक हुई कार्रवाई (जनवरी 2026)
- SIT का गठन: भारी दबाव के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जिसे 5 दिनों में रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है।
- FIR और निलंबन: नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही, निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने के लिए दो बिल्डर कंपनियों (लोटस ग्रीन्स और विजटाउन) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि युवराज की मौत पानी में डूबने (Asphyxia due to drowning) और उसके बाद हुए कार्डियक अरेस्ट से हुई।
डीएम मेधा रूपम का प्रोफाइल
- मेधा रूपम 2014 बैच की आईएएस (IAS) अधिकारी हैं और उन्हें अगस्त 2025 में नोएडा का डीएम नियुक्त किया गया था।
- उनके पिता ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे।
- वह स्वयं एक नेशनल लेवल की शूटर भी रह चुकी हैं।
