डोनाल्ड ट्रंप के लगातार टैरिफ हमलों का असर अब साफ तौर पर वैश्विक शेयर बाजारों पर दिखने लगा है। बुधवार को एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे भारतीय शेयर बाजार के लिए पहले से ही नकारात्मक संकेत मिल रहे थे। शुरुआती कारोबार में भले ही सेंसेक्स और निफ्टी ने सुस्त शुरुआत की, लेकिन कुछ ही देर में बाजार बड़ी गिरावट में बदल गया।
बीएसई सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से फिसलते हुए एक झटके में करीब 1100 अंक तक टूट गया। वहीं एनएसई निफ्टी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि निचले स्तरों पर पहुंचने के बाद बाजार में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली।
शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी जारी रहा। मंगलवार को निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था और बुधवार को भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिखा। सुबह मामूली उतार-चढ़ाव के बाद बाजार अचानक भारी दबाव में आ गया।
सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,180 के मुकाबले 81,794 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 82,282 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद तेज बिकवाली के चलते गिरकर 81,124 के स्तर तक आ गया। इसी तरह निफ्टी-50 भी 25,141 पर खुलने के बाद 25,277 तक चढ़ा, लेकिन फिर फिसलकर 24,919 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बाजार में लगातार गिरावट की वजह से शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स को एक के बाद एक झटका लग रहा है. हर रोज उनकी गाढ़ी कमाई डूब रही है. महज तीन कारोबारी दिनों की बाजार टूटने से निवेशकों के करीब 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो गए. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 465.68 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था, जो मंगलवार को गिरकर 455.72 लाख करोड़ रुपये रह गया, मतलब एक ही दिन में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गिर गया. वहीं बुधवार को इसमें फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ये खबर लिखे जाने तक 4.53 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.
