मुरादाबाद। वैलेंटाइन डे के अवसर पर महानगर में कुछ संगठनों द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान एक पार्क में युवक-युवती से पूछताछ और कथित तौर पर ‘राखी बंधवाने’ की घटना ने सामाजिक और राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इस पूरे प्रकरण पर अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पार्क में अभियान, युवक-युवती से पूछताछ
जानकारी के अनुसार, वैलेंटाइन डे पर शहर के कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों ने होटल, रेस्टोरेंट और पार्कों में ‘पाश्चात्य संस्कृति के विरोध’ के नाम पर अभियान चलाया। इसी दौरान कंपनी बाग पार्क में मौजूद एक युवक और युवती को रोककर उनसे उनके संबंधों के बारे में पूछताछ की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक हिंदू समुदाय से और युवती मुस्लिम समुदाय से संबंधित बताई जा रही है। विवाद के बाद युवती से युवक को राखी बंधवाने और युवक से युवती के पैर छुआने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
दूसरा मामला: शादी तय होने पर छोड़ा गया जोड़ा
अभियान के दौरान एक अन्य जोड़े को भी रोके जाने की जानकारी मिली। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि परिजनों से बातचीत के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की शादी/निकाह तय हो चुका है, जिसके बाद बिना किसी विवाद के उन्हें जाने दिया गया।

संगठनों का पक्ष
बताया जा रहा है कि यह अभियान राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना और राष्ट्रीय महिला परिषद की प्रदेश अध्यक्ष वंदना शर्मा के नेतृत्व में चलाया गया। पदाधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य “भारतीय संस्कृति की रक्षा” करना था और वे वैलेंटाइन डे को पाश्चात्य प्रभाव मानते हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कंपनी बाग और आसपास के पार्कों में ‘सर्च ऑपरेशन’ चलाने का दावा किया है।
पुलिस की भूमिका और कानूनी सवाल
इस तरह की कार्रवाइयों को लेकर कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर वयस्क युवक-युवती से हस्तक्षेप करना व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा विषय है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि किसी प्रकार की जबरदस्ती, धमकी या सार्वजनिक शांति भंग होने की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि इस मामले में अभी तक किसी पक्ष द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की पुष्टि नहीं हुई है।

सामाजिक बहस: प्रेम बनाम ‘संस्कृति’
हर वर्ष वैलेंटाइन डे पर देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे अभियान देखने को मिलते हैं। समर्थकों का तर्क है कि यह “संस्कृति संरक्षण” का प्रयास है, जबकि आलोचकों का कहना है कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और वयस्कों के अधिकारों में हस्तक्षेप है।
मुरादाबाद की यह घटना भी इसी व्यापक सामाजिक बहस का हिस्सा बन गई है—जहां एक ओर परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का सवाल है, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत अधिकार और कानून-व्यवस्था की बात उठ रही है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर चर्चाएं जारी हैं। प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
