मुरादाबाद। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर किसरौल स्थित प्राचीन श्री 84 घंटा मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाम होते ही मंदिर परिसर में महाआरती का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
विधि-विधान से हुआ पूजन-अर्चन
महाआरती से पूर्व मंदिर में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का कार्यक्रम संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शहद और गंगाजल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई आरती ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। सैकड़ों दीपों की रोशनी और घंटों की ध्वनि से मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठा।

जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
महाआरती में नगर विधायक रितेश गुप्ता ने उपस्थित होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित सुधीर कुमार शर्मा ने कहा, “महाशिवरात्रि सनातन परंपरा का अत्यंत पावन पर्व है। भगवान शिव त्याग, तप और न्याय के प्रतीक हैं। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज में सत्य, न्याय और सदाचार को बढ़ावा देना चाहिए। 84 घंटा मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। यहां की महाआरती में शामिल होना अत्यंत सौभाग्य की बात है।”

कार्यक्रम में एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह, राजीव शर्मा, विकास शर्मा, अश्विनी आर्य, अरविंद कुमार जानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक और समाजसेवी भी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आकर्षक सजावट और भंडारे का आयोजन
मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूल-मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल और प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई। महाआरती के उपरांत भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
देर रात तक चला भक्तिमय माहौल
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तजन कतारबद्ध होकर दर्शन करते रहे और शिव भजनों पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिरस में डूबा रहा।

कुल मिलाकर, प्राचीन श्री 84 घंटा मंदिर में आयोजित महाआरती ने महाशिवरात्रि को यादगार बना दिया। श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि शहर में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और विश्वास आज भी उतना ही मजबूत है।
