कर्नाटक हाई कोर्ट ने 17 फरवरी 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले को पूरी तरह से खारिज (Quash) कर दिया है। यह मामला 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस द्वारा दिए गए ‘करप्शन रेट कार्ड’ विज्ञापनों से जुड़ा था।
- कोर्ट का फैसला: न्यायमूर्ति एस. सुनील दत्त यादव ने राहुल गांधी की याचिका स्वीकार करते हुए निचली अदालत में चल रही कार्यवाही को रद्द कर दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि कार्यवाही जारी रखना ‘कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग’ होगा।
- मामले की पृष्ठभूमि: भाजपा ने जून 2023 में शिकायत दर्ज कराई थी कि 5 मई 2023 को प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापन, जिसमें तत्कालीन भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था, अपमानजनक थे।
- राहुल गांधी का पक्ष: राहुल गांधी (जो मामले में आरोपी संख्या 4 थे) के वकीलों ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए कोई प्रथम दृष्टया सामग्री (Prima Facie Material) नहीं थी।
- पिछली स्थिति: इससे पहले, हाई कोर्ट ने जनवरी 2025 में इस मामले की कार्यवाही पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी थी और राहुल गांधी को जून 2024 में निचली अदालत से जमानत मिल गई थी।
यह फैसला राहुल गांधी के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें इस विशिष्ट मामले में और अदालती कार्यवाही का सामना नहीं करना पड़ेगा।
