मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाए जा रहे अभियान में मुरादाबाद मंडल ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मंडल के पांचों जिलों—मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा और बिजनौर—में प्रशासन की सक्रियता से निर्धारित लक्ष्य से कई गुना अधिक निराश्रित गोवंश को गोशालाओं और किसानों के यहां सुरक्षित आश्रय दिया गया है।
गोवंश को समाज से जोड़ने के लिए संचालित मुख्यमंत्री सहभागिता योजना भी ग्रामीण क्षेत्रों में काफी प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत हजारों किसानों और पशुपालकों ने गोवंश को गोद लिया है। सरकार की ओर से प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन (1500 रुपये प्रतिमाह) की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सहारा मिल रहा है और गोपालन के प्रति रुचि भी बढ़ी है।

गोशालाओं में गोवंश के लिए चारा-पानी, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। पशुपालन विभाग के चिकित्सक नियमित रूप से गोशालाओं का निरीक्षण कर बीमार पशुओं का उपचार कर रहे हैं। खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं को पकड़कर गोशालाओं तक पहुंचाने के लिए कैटल कैचर का उपयोग किया जा रहा है और उनकी टैगिंग भी की जाती है।
गोशालाओं की निगरानी के लिए कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और समय-समय पर अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण भी किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद, संभल और बिजनौर सहित मंडल के सभी जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक गोवंश को संरक्षण दिया है।

शासन की पारदर्शी नीति और प्रशासन की सक्रियता के चलते मुरादाबाद मंडल में गोसंरक्षण का यह मॉडल प्रदेश के लिए एक मिसाल बनकर उभर रहा है।
