काठमांडू में विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में आग लगा दी.
नेपाल में Gen-Z आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है. प्रदर्शनकारियों ने कम्युनिस्ट पार्टी मुख्यालय पर धावा बोलकर वहां लगे हथौड़ा-हंसिया के प्रतीक चिह्न को नीचे गिरा दिया.
नेपाल में सोमवार को हुई हिंसक झड़पों के बाद मंगलवार को काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर जिलों के विभिन्न इलाकों में प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है. काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने रिंग रोड क्षेत्र के भीतर सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकाल तक कर्फ्यू लगाने की घोषणा की.
यह पाबंदी रिंग रोड के भीतर के सभी इलाकों पर लागू होगी, जिनमें बलकुमारी ब्रिज, कोटेश्वर, सिनामंगल, गौशाला, चाबहिल, नारायण गोपाल चौक, गोंगाबू, बालाजू, स्वयम्भू, कलंकी, बल्खु और बागमती ब्रिज शामिल हैं.
ललितपुर जिला प्रशासन कार्यालय ने मंगलवार को सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया. मुख्य जिला अधिकारी सुमन घिमिरे ने बताया कि यह आदेश वार्ड 2, 4, 9, 18 और 25 के कुछ हिस्सों में लागू होगा, जिनमें भैसेपाटी, सानेपा और च्यासल शामिल हैं.
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के बीच Gen-Z क्रांतिकारी नेता, मंत्रियों को भी निशाना बना रहे हैं. यहां तक कि राष्ट्रपति के निजी आवास तक पर प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर लिया. पूर्व पीएम प्रचंड के घर पर भी आगजनी की गई. अब तक इन नेताओं के घरों को निशाना बनाया गया है. इस बीच शेखर कोइराला ने अपने गुट के मंत्रियों से ओली सरकार से इस्तीफा देने की अपील की. वहीं नेपाली कांग्रेस के गगन थापा गुट ने अब तक इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं लिया.
