संगीत की दुनिया की महान गायिका आशा भोसले अब इस दुनिया को अलविदा कहकर पंचतत्व में विलीन हो गई हैं। उनके बेटे आनंद भोसले ने पूरे विधि-विधान के साथ उन्हें मुखाग्नि दी।

आशा ताई की मधुर आवाज भले ही अब सीधे सुनाई न दे, लेकिन उनकी गूंज हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। उनका शरीर प्रकृति के पांच तत्वों—मिट्टी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—में समा गया है, पर उनकी यादें और गीत हमेशा अमर रहेंगे।

उनकी अंतिम विदाई के साथ संगीत के एक सुनहरे दौर का अंत हुआ है, लेकिन उनके गाए गीत आने वाली पीढ़ियों के दिलों में उन्हें हमेशा जिंदा रखेंगे।
