बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। पटना के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कोई नेता बिहार का मुख्यमंत्री बना है। इससे पहले नीतीश कुमार ने पद से इस्तीफा देकर नई जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंपी और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जताई।
शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, राजीव रंजन सिंह, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेता शामिल हुए। इस मौके पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की ओर से विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
नई सरकार के गठन के साथ बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया था। शपथ से पहले ही पटना में उनके समर्थन में बधाई वाले पोस्टर और बैनर लगाए गए थे।
तीनों नेताओं—सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव—के बीच एक समानता यह है कि इन सभी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अलग-अलग दलों से की थी। सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से राजनीति शुरू की और बाद में अन्य दलों से होते हुए बीजेपी में आए। वहीं विजय चौधरी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया, जबकि विजेंद्र यादव ने जनता दल के टिकट पर राजनीति में कदम रखा था।
इस बीच, नीतीश कुमार अब राज्यसभा पहुंच गए हैं और उन्होंने नया रिकॉर्ड बनाया है। वे उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है। हालांकि उन्होंने कहा है कि वह आगे भी राज्य की राजनीति में अपना मार्गदर्शन देते रहेंगे।
