लोकसभा में नारी शक्ति वंदन समेत तीन अहम विधेयकों पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए भावनात्मक अंदाज़ अपनाया। उन्होंने कहा कि, ‘मेरी बहन ने वो कर दिखाया जो मैं 20 साल में नहीं कर सका।’ इस दौरान उन्होंने अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि प्रियंका के बयान पर उन्हें भी मुस्कुराते हुए देखा गया।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने बचपन की एक घटना साझा करते हुए बताया कि उन्हें अंधेरे से काफी डर लगता था और घर में मौजूद एक बड़ा कुत्ता अक्सर उन पर और उनकी बहन पर हमला कर देता था, जिससे वे रात में बगीचे की ओर जाने से घबराते थे। उन्होंने बताया कि जब उनकी दादी इंदिरा गांधी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख दी।
राहुल गांधी के अनुसार, उनकी दादी ने समझाया कि असली डर बाहरी चीजों से नहीं, बल्कि इंसान के अपने मन और कल्पना से पैदा होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अंधेरे से नहीं घबराना चाहिए, क्योंकि कई बार सच्चाई उसी अंधकार में छिपी होती है। राहुल गांधी ने इस प्रसंग के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि भय पर काबू पाने के लिए मानसिक दृढ़ता और सही सोच जरूरी है।
