मुरादाबाद। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरादाबाद श्री सय्यद मऊज़ बिन आसिम के कुशल निर्देशन में शनिवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), मुरादाबाद में निरुद्ध किशोरों के पठन-पाठन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कंप्यूटर स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर स्मार्ट क्लास का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती तपस्या त्रिपाठी, किशोर न्याय बोर्ड मुरादाबाद की प्रधान मजिस्ट्रेट श्रीमती मीनाक्षी एवं उपनिदेशक/जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री राजेश गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्था में रह रहे किशोरों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना तथा उनके समग्र विकास एवं पुनर्वास की प्रक्रिया को सशक्त बनाना है।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर शिक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है और यह पहल किशोरों के भविष्य को नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो किशोरों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होती है।
कार्यक्रम के दौरान निरुद्ध किशोरों को उनके मौलिक अधिकारों, शिक्षा के महत्व एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उनके दैनिक जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वस्त्र एवं बिस्तर हेतु चादरों का वितरण भी किया गया, जिससे उनमें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की भावना विकसित हो सके।

इस अवसर पर संस्था के प्रभारी अधीक्षक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी तथा पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से न केवल किशोरों का शैक्षिक स्तर सुधरेगा, बल्कि उनके पुनर्वास की दिशा में भी ठोस परिणाम सामने आएंगे।
कार्यक्रम के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि स्मार्ट क्लास की यह पहल निरुद्ध किशोरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उन्हें एक बेहतर एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगी।
