मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने आबकारी, आयकर, परिवहन, स्टाम्प, नलकूप, खनन, मंडी और बाटमाप विभागों को लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्टाम्प, आबकारी, परिवहन और आयकर विभाग को अपने राजस्व संग्रह पर अधिक ध्यान केंद्रित करने को कहा। अवैध शराब के कारोबार पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी गतिविधियों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वाहन कर एवं खनन विभाग को प्रवर्तन कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व वृद्धि पर विशेष जोर दिया। साथ ही अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने लंबित आरसी का संबंधित विभागों से मिलान कर उसे भी समयबद्ध तरीके से निपटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने धारा 24, धारा 80 एवं धारा 116 के अंतर्गत लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर बल दिया और कहा कि लंबित मामलों के कारण सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है।

बैठक में कृषि भूमि, आवासीय भूखंड और तालाबों के आवंटन को समय से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। निवास, आय एवं हैसियत प्रमाण पत्रों की लंबित फाइलों को शीघ्र समाप्त करने पर जोर दिया गया। साथ ही राजस्व परिषद, मंडलायुक्त कार्यालय और शासन स्तर से प्राप्त प्रकरणों तथा कृषक दुर्घटना बीमा मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
फार्मर रजिस्ट्री और आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि असंतोषजनक फीडबैक की स्थिति में सुधार लाया जाए, ताकि जनपद की रैंकिंग बेहतर बनी रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगीता गौतम, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय, अपर जिलाधिकारी नगर ज्योति सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक जितेंद्र पाल सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
